SBI Q2 results: State Bank of India (SBI) ने सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान बैंक का प्रॉफिट 13,264 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की सितंबर तिमाही के मुकाबले 74 फीसदी ज्यादा है। सितंबर तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार आया है। बैंक की लोन ग्रोथ भी अच्छी रही है।
एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। यह सरकारी बैंक है। सितंबर तिमाही में बैंक की इंटरेस्ट इनकम 15 फीसदी बढ़कर 79,859.59 करोड़ रुपये रही। एसबीआई की टोटल लोन बुक में ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स की हिस्सेदारी 3.52 फीसदी रही। एक साल पहले यह 4.90 फीसदी थी। बैंक ने नेट एनपीए की हिस्सेदारी कुल लोन बुक में 0.80 फीसदी रही। एक साल पहले यह 1.52 फीसदी थी।
SBI का प्रॉफिट एनालिस्ट्स के अनुमान के मुकाबले बहुत ज्यादा है। मनीकंट्रोल के पोल में ब्रोकरेज फर्मों ने बैंक का प्रॉफिट 10,616.2 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। सितंबर तिमाही में बैंक ने एंप्लॉयीज की पेंशन के लिए 7,418 करोड़ रुपये का प्रोविजनिंग किया है। इसका असर प्रॉफिट पर पड़ा है।
सितंबर तिमाही में बैंक की लोन ग्रोथ साल दर साल आधार पर 20 फीसदी रही। इससे बैंक की इंटरेस्ट इनकम और ऑपरेटिंग प्रॉफिट ग्रोथ भी अच्छी रही। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 16.8 फीसदी बढ़ा है। तिमाही दर तिमाही आधार पर ऑपरेटिंग प्रॉफिट 65.6 फीसदी ज्यादा है।
एसबीआई की इंटरेस्ट इनकम 12.83 फीसदी बढ़कर 35,183 करोड़ रुपये रही। यह पिछली दो तिमाहियों से बैंक की इंटरेस्ट इनकम बढ़ने के ट्रेंड के मुताबिक है। बैड लोन में कमी के साथ ही लोन ग्रोथ शानदार रहने से इसकी एसेट क्वालिटी में काफी सुधार आया है। इसका मतलब यह भी है कि बैंक की प्रोविजनिंग में कमी आई है।
देश के सबसे बड़े बैंक ने सितंबर तिमाही में बैड लोन के लिए 2,011 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है। यह पिछले साल की सितंबर तिमाही की प्रोविजनिंग के मुकाबले 25 फीसदी कम है।
एसबीआई ने शनिवार को शेयर बाजार बंद रहने पर अपने नतीजों का ऐलान किया। इसलिए शेयरों की कीमतों पर नतीजों का असर सोमवार को देखने को मिलेगा। सितबंर तिमाही में अब तक आए बैंकों के नतीजें अच्छे रहे हैं।