Income Tax Benefits on Home Loan: Home Loan लेने का एक बड़ा फायदा उस पर मिलने वाला इनकम टैक्स डिडक्शन (Income Tax Deduction) है। जब आप EMI के जरिए लोन का पेमेंट करते हैं तो आपको टैक्स बेनेफिट (Tax Benefit) मिलता है। होम लोन पर इनकम टैक्स का फायदा किस तरह मिलता है, क्या सिर्फ होम लोन के इंटरेस्ट पार्ट पर टैक्स डिडक्शन मिलता है, क्या इंटरेस्ट पर भी टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
इंटरेस्ट और प्रिंसिपल दोनों पर मिलता है इनकम टैक्स डिडक्श
सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि होम लोन का जब आप पेमेंट करते हैं तो इसके दो हिस्से होते हैं। पहला है प्रिंसिपल जिसे मूलधन कहा जाता है। दूसरा है होम लोन के अमाउंट पर इंटरेस्ट। आपकी EMI में ये दोनों चीजें शामिल होती हैं। टैक्स बेनेफिट आपको प्रिंसिपल और इंटरेस्ट पर मिलता है।
प्रिंसिपल और इंटरेस्ट पर इनकम टैक्स डिडक्शन के नियम
होम लोन की EMI के प्रिंसिपल कंपोनेंट पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है। इंटरेस्ट कंपोनेंट पर एक फाइनेंशियल ईयर में 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन लिया जा सकता है। यह सेक्शन 24बी के तहत मिलता है। शर्त यह है कि घर का इस्तेमाल आपको खुद के रहने के लिए करना होगा।
अतिरिक्त टैक्स डिडक्शन के नियम
आप अपने मौजूदा होम लोन पर अतिरिक्त डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। यह डिडक्शन सेक्शन 80EE के तहत मिलता है। इसे फाइनेंस एक्ट, 2016 के जरिए शुरू किया गया था। आप होम लोन के इंटरेस्ट पर एक फाइनेंशियल ईयर में 50,000 रुपये का अतिरिक्त डिडक्शन हासिल कर सकते हैं। शर्त यह है कि आपने पहली प्रॉपर्टी खरीदने के लिए होम लोन लिया है। होम लोन का अमाउंट 35 लाख रुपये तक होना चाहिए। तीसरी शर्त यह है कि आपने फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में अपना होम लोन एप्रूव कराया हो। चौथी शर्त यह है कि घर की कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह डिडक्शन सेक्शन 24बी के तहत मिलने वाले 2 लाख रुपये के डिडक्शन के अतिरिक्त है।
फाइनेंस एक्ट, 2019 में सरकार ने सेक्शन 80EEA के तहत पहली बार घर खरीदने वालों को इंटरेस्ट पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन देने का ऐलान किया था। शर्त यह थी कि घर की कीमत मैक्सिमम 45 लाख रुपये होनी चाहिए। चूंकि यह फायदा पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को दी गई थी, इसलिए एक व्यक्ति इस फायदा के साथ सेक्शन 80EE के तहत मिलने वाले इंटरेस्ट पर अतिरिक्त सालाना 50,000 रुपये के डिडक्शन का दावा नहीं कर सकता है।
इस तरह हाउसिंग लोन अगर 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच लिया गया है तो इंटरेस्ट पर टोटल डिडक्शन 3.5 लाख रुपये तक जा सकता है। इसमें 2 लाख रुपये का डिडक्शन सेक्शन 24 के तहत है और 1.5 लाख रुपये का डिडक्शन नए सेक्शन 80EEA के तहत है।