माता-पिता से विरासत में मिले गोल्ड को बेचने पर क्या टैक्स लगेगा, क्या इस पर एग्जेम्प्शन क्लेम किया जा सकता है?

जुलाई 2024 से पहले विरासत में मिले गोल्ड पर टैक्स 36 महीने के होल्डिंग पीरियड पर निर्भर था। इसका मतलब है कि अगर गोल्ड 36 महीने के अंदर बेचा गया है तो उससे होने वाले गेंस को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस माना जाता था

अपडेटेड Jan 21, 2026 पर 9:48 PM
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मातापिता से मिली ज्वेलरी पर हुए कैपिटल गेंस पर टैक्स चुकाना पड़ता है।

क्या आपको मातापिता से विरासत में गोल्ड ज्वेलरी मिली है और आप टैक्स को लेकर उलझन में हैं? आपके लिए अच्छी खबर है। कानून के मुताबिक, विरासत में मिले गोल्ड को इनकम नहीं माना जाता है। इसलिए इस ज्वेलरी पर आपको टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। सवाल है कि क्या जब आप इसे बेचेंगे तो टैक्स लगेगा?

मातापिता से मिली ज्वेलरी पर हुए कैपिटल गेंस पर टैक्स चुकाना पड़ता है। लेगम सोलिस के फाउंडर शशांक अग्रवाल ने कहा, "सेक्शन 56(2)(एक्स) के तहत विरासत में मिली प्रॉपर्टी पर टैक्स नहीं लगता है। लेकिन, जब आप इसे बेचेंगे तो इस पर टैक्स लगेगा।"

जुलाई 2024 से पहले विरासत में मिले गोल्ड पर टैक्स 36 महीने के होल्डिंग पीरियड पर निर्भर था। इसका मतलब है कि अगर गोल्ड 36 महीने के अंदर बेचा गया है तो उससे होने वाले गेंस को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस माना जाता था। उस पर टैक्सपेयर्स के इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता था। 36 महीने बाद बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के हिसाब से 20 फीसदी टैक्स लगता था। इंडेक्सेशन का बेनेफिट उपलब्ध था।


जुलाई 2024 के बाद से नियम बदल गए हैं। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के लिए होल्डिंग पीरियड घटाकर 24 महीने कर दिया गया है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर 12.5 फीसदी टैक्स लगता है। इंडेक्सेशन बेनेफिट्स खत्म कर दिया गया है। 24 महीने से पहले बेचने पर गेंस को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस माना जाएगा। उस पर टैक्सपेयर्स के स्लैब रेट के हिसाब के टैक्स लगेगा।

टैक्स का कैलकुलेशन कैसे होता है?

गोल्ड के पुराने ओनर (मालिक) के पर्चेज प्राइस को एक्विजिशन कॉस्ट माना जाता है। अगर गोल्ड 1 अप्रैल, 2001 से पहले मिला है तो उस दिन गोल्ड की फेयर मार्केट वैल्यू का इस्तेमाल किया जा सकता है। पुराने मालिक और उसके उत्तराधिकारी दोनों के होल्डिंग पीरियड को कंबाइंड कर दिया जाता है। अगर यह 24 महीने से ज्यादा हो जाता है तो गेंस पर 12.5 फीसदी रेट से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगता है। इस पर सेस और सरचार्ज भी लगता है। इंडेक्सेशन का बेनेफिट्स उपलब्ध नहीं है।

क्या कैपिटल गेंस पर एग्जेम्प्शन क्लेम किया जा सकता है?

विरासत में मिले गोल्ड को बेचने से हुए कैपिटल गेंस पर एग्जेम्प्शन क्लेम किया जा सकता है। बहुगुणा लॉ एसोसिएट्स के अंकित राजगढ़िया ने कहा, "सेक्शन 54एफ के मुताबिक, अगर गोल्ड बेचने से मिले पैसे का इस्तेमाल तय समयसीमा के अंदर घर खरीदने के लिए किया जाता है तो कैपिटल गेंस पूरी तरह से या आंशिक रूप से टैक्स-फ्री हो सकता है।"

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सेक्शन 54एफ के तहत गोल्ड बेचने से हुए कैपिटल गेंस पर एग्जेम्प्शन उपलब्ध है अगर बेचने से मिले पूरे पैसे का इस्तेमाल घर खरीदने के लिए किया जाता है। गोल्ड बेचने से पहले के 12 महीनों में या बाद के दो साल में घर खरीदा जा सकता है। अगर घर बनवाया जाता है तो इसे गोल्ड बेचने की तारीख से तीन साल के अंदर बनवाना होगा। इस सेक्शन के तहत एग्जेम्प्शन के लिए घर की मैक्सिमम कॉस्ट 10 करोड़ रुपये हो सकती है।

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