Tax Return Filing Guide: आपको आईटीआर-1 का इस्तेमाल करना चाहिए या आईटीआर-2 का?

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) ऑनलाइन फाइल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले आपको जरूरी डॉक्युमेंट्स जुटाने होंगे। उसके बाद आपको सही फॉर्म का चुनाव करना होगा। अगर आपने गलत फॉर्म का इस्तेमाल किया तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव हो जाएगा

अपडेटेड Jun 15, 2024 पर 6:05 PM
रिटर्न फाइल करने के लिए आपको सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in) पर रजिस्टर करना होगा।

आप नौकरी करते हैं तो आपको अपने एंप्लॉयर (कंपनी) से फॉर्म 16 मिल गया होगा। इसकी मदद से आप इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आप नौकरी करते हैं और आपको बिजनेस या प्रोफेशन से किसी तरह की इनकम नहीं होती है तो आपको आईटीआर फॉर्म 1 और आईटीआर फॉर्म 2 में से एक का चुनाव करना होगा।

सही फॉर्म का करें चुनाव

ITR फाइल करने के लिए सही फॉर्म का चुनाव करना जरूरी है। गलत फॉर्म के जरिए रिटर्न फाइल करने से आपका रिटर्न डिफेक्टिव हो सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप फॉर्म 2 की जगह फॉर्म 1 का इस्तेमाल करते हैं तो आप अपने बारे में पूरी जानकारी शेयर नहीं कर पाएंगे। इससे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से आपको नोटिस आ सकता है।


आईटीआर 1 को सहज भी कहा जात है

आईटीआप फॉर्म 1 को सहज भी कहा जाता है, क्योंकि इसे भरना बहुत आसान होता है। सैलरीड टैक्सपेर्स और पेंशनर्स जिनकी इनकम के दूसरे स्रोत नहीं हैं, वे इस फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इस फॉर्म में टैक्सपेयर की कई जानकारियां पहले से भरी (Pre-filled) होती हैं। इनकम की डिटेल और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के डेटा भरे होते हैं, जिससे रिटर्न फाइल करना आसान हो जाता है।

प्री-फिल्ड डेटा को चेक कर लें

अगर आप फॉर्म 1 का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसमें पहले से भरे गए डेटा को फॉर्म 16 और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट से मिला लेना ठीक रहेगा। अच्छा होगा कि आप फॉर्म 26एएस और एनुअल इंफॉर्मेशन के डेटा को भी मैच करा लें। इसके बाद आप ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग प्रोसेस पूरा कर सकते हैं।

हर सैलरीड टैक्सपेयर के लिए नहीं है फॉर्म 1

यह ध्यान में रखना जरूरी है कि नौकरी करने वाले हर व्यक्ति फॉर्म 1 का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसका इस्तेमाल सिर्फ ऐसे रेजिडेंट (ऑर्डिनरिली रेजिडेंट) कर सकते है जिनकी इनकम एक वित्त वर्ष में 50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है। इसमें सैलरी, पेंशन, वन हाउस प्रॉपर्टी और एग्रीकल्चर (5000 रुपये तक) से होने वाली इनकम शामिल है। इसके अलावा इसमें सेविंग्स या फिक्स्ड डिपॉजिट्स, डिविडेंड्स की इनकम शामिल है।

ऐसे फाइल कर सकते हैं ऑनलाइन फाइल

रिटर्न फाइल करने के लिए आपको सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in) पर रजिस्टर करना होगा। अगर आपने पहले रजिस्टर किया हुआ है तो आपको अपने पैन का इस्तेमाल यूजर आईडी के रूप में करना होगा। फिर पासवर्ड डालना होगा। पोर्टल के मुख्य मेन्यू में आपको गो टू ई फाइल दिखेगा।

ई-फाइल के बाद आपको इनकम टैक्स रिटर्न नजर आएगा। यहां आपको एसेसमेंट ईयर में 2024-25 सेलेक्ट करना होगा। फिर अपने स्टेटस (इंडिविजुअल) को सेलेक्ट करना होगा। फिर आईटीआर 1 सेलेक्ट करना होगा। फिर कुछ सवालों के जवाब देने के बाद आपको टैक्स बकाया होने पर उसे चुकाना होगा। फिर रिटर्न को सब्मिट करना होगा।

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सहज में प्री-फिल्ड 5 सेक्शंस हैं। आपको इन्हें वेरिफाय करना होगा। इनमें पर्सनल इंफॉर्मेशन, ग्रॉस टोटल इनकम, टोटल डिडक्शंस क्लेम्ड, टैक्स पेड और टोटल टैक्स लायबिलिटी शामिल होंगे। आप फॉर्म 16 की मदद से इस सेक्शन के सभी डेटा को वेरिफाय कर सकते हैं। यह याद रखें कि रिटर्न सब्मिट करने के बाद आपको इसे ई-वेरिफाय भी करना होगा। आप आधार-ओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए इसे कर सकेत हैं।

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