हर मातापिता अपने बच्चे का बेहतर भविष्य चाहते हैं। इसके लिए निवेश करना बहुत जरूरी है। हायर एजुकेशन के बढ़ते खर्च को पूरा करने के लिए आपको लंबी अवधि तक निवेश करना पड़ता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स को स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश कर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत देता है। कुछ ऐसी स्मॉल सेविंग्स स्कीम हैं, जिनमें निवेश करने पर लंबी अवधि कमें बच्चे के लिए बड़ा फंड तैयार हो जाता है। साथ ही अच्छी टैक्स-सेविंग्स भी हो जाती है।
PPF और सुकन्या समृद्धि योजना
इन दोनों स्कीमों को सरकार की तरफ से चलाया जाता है। इनमें निवेश से लंबी अवधि में अच्छा फंड तैयार हो जाता है, जो बच्चों के हायर एजुकेशन या शादी-ब्याह में काफी मददगार होता है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत दोनों ही स्कीमों में निवेश पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। इनमें एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये निवेश कर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। यह ध्यान रखना होगा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ लड़कियों के लिए है।
टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट के लिए एनएससी अच्छा विकल्प है। इसमें भी सेक्शन 80सी के तहत निवेश पर डिडक्शन की इजाजत है। एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में निवेश कर एक वित्त वर्ष में 10,000 रुपये का टैक्स-फ्री इंटरेस्ट हासिल किया जा सकता है।
म्यूचुअल फंडों की टैक्स सेविंग्स स्कीम को इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) भी कहा जाता है। इसमें निवेश करने पर भी सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। इसमें सालाना 1.5 लाख रुपये का निवेश कर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इसमें 3 साल का लॉक-इन है। इसका मतलब है कि निवेश करने के तीन साल तक पैसा निकालने की इजाजत नहीं है।
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यूलिप ऐसा इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट है, जिसमें निवेश के साथ-साथ आपको इंश्योरेंस का लाभ भी मिलता है। इसमें निवेशक को मार्केट लिंक्ड रिटर्न मिलता है। यह भी सेक्शन 80 के तहत आने वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में शामिल है। इसमें एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूलिप में लंबी अवधि का निवेश करने पर ही अच्छा रिटर्न मिलता है।