Sensex ने वित्त वर्ष 2023-24 में 20% से अधिक रिटर्न दिया है। कुछ स्टॉक्स और फंड्स ने तो निवेशकों को मालामाल किया है। वित्त वर्ष 2023-24 का अंत करीब आ जाने पर अपने निवेशों की समीक्षा कर अतिरिक्त टैक्स-सेविंग्स कर सकते हैं।

Sensex ने वित्त वर्ष 2023-24 में 20% से अधिक रिटर्न दिया है। कुछ स्टॉक्स और फंड्स ने तो निवेशकों को मालामाल किया है। वित्त वर्ष 2023-24 का अंत करीब आ जाने पर अपने निवेशों की समीक्षा कर अतिरिक्त टैक्स-सेविंग्स कर सकते हैं।
लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स बचाएं
क्या आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश से लाभ कमाया है? अगर निवेश के सालभर के भीतर आपने यह प्रॉफिट बनाया है तो आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना होगा। लेकिन इसमें भी आपको एक छूट है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 112A के अंतर्गत 1 लाख तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स नहीं लगता है। इस नियम का फायदा उठाते हुए आप कुछ ऐसे होल्डिंग्स को बेच कर टैक्स बचा सकते हैं जहां फायदा एक लाख रुपये से कम है। 1 लाख से ऊपर के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर सेक्शन 112A के अंतर्गत 10% टैक्स लगता है।
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग से टैक्स बचाएं
अगर आपने वित्त वर्ष 2023-24 में अपने शेयर्स और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स बेच कर लाभ कमाया है या आपके मौजूदा होल्डिंग्स में भी कुछ लाभ कमाया है, तो आप अपने पोर्टफोलियो में ऐसे शेयर्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को देख सकते हैं जहां आप नुकसान में हैं। यहां आप टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग एक ऐसी स्ट्रैटेजी है जो निवेशकों द्वारा किसी कैपिटल गेन पर टैक्स को कम करने के लिए इस्तेमाल होती है। यह स्ट्रैटेजी से नुकसान में आए शेयर्स या म्यूचुअल फंड्स को बेच कर कैपिटल गेन को कम किया जा सकता है।
मान लीजिए एक व्यक्ति इस वर्ष शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (एसटीसीजी) में 1,00,000 रुपये कमाता है। उसे इस राशि का 15% के रूप में शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ेगा, जो 15,000 रुपये होता है। अब, अगर वही व्यक्ति इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या किसी ऐसी कंपनी के शेयर्स होल्ड कर रहा है जिसमें उसका नुकसान 1,20,000 रुपये है, तो वह उस कंपनी के कुछ शेयर्स बेच सकता है जिससे उसका पूरा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन खत्म हो जाएगा। इससे उसे 15,000 रुपये का टैक्स बच जाएगा।
इस प्रक्रिया को मौजूदा होल्डिंग्स जिनपर आपको नुकसान हो रहा है उन्हें बेच कर आप अपना कैपिटल गेन टैक्स बचा सकते हैं। इस स्ट्रैटेजी को टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग के रूप में जाना जाता है। इस स्ट्रैटेजी का उपयोग करने के लिए, आप अपने ब्रोकर से नोशनल कैपिटल गेन स्टेटमेंट मांग सकते हैं जिससे आप अपने मौजूदा होल्डिंग्स पर लाभ या नुकसान की जांच कर सकते हैं।
अगर आप इन स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए पॉइंट्स का ध्यान रखें:
1. इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, लॉन्ग-टर्म कैपिटल लॉस को सिर्फ लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन के साथ एडजस्ट किया जा सकता है, और शॉर्ट टर्म कैपिटल लॉस को दोनों शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के साथ एडजस्ट किया जा सकता है।
2. इक्विटी शेयर्स या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) के रूप में माना जाता है जब आप उन्हें एक साल से अधिक समय तक होल्ड करते हैं।
3. इक्विटी म्यूचुअल फंड्स वह म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं जो अपने होल्डिंग का 65% से अधिक शेयरों में निवेश करती हैं। जबकि भारत में टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग के खिलाफ कोई स्पष्ट नियम नहीं है।
4. किसी भी टैक्स बचाने की स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करने से पहले अपने टैक्स एडवाइजर या चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) से सलाह लेना उचित है।
(लेखक सीए हैं। वह पर्सनल इनकम टैक्स से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट हैं।)
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