Tax Savings Strategy: टैक्स-सेविंग्स के लिए बचे हैं सिर्फ 4 दिन, जानिए आपको क्या करना है

इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स सेक्शन 80सी के तहत आने वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में निवेश कर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत PPF, ELSS, Life Insurance Premium, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना और बैंक टैक्स सेविंग्स एफडी आते हैं

अपडेटेड Mar 28, 2026 पर 1:00 PM
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1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू हो जाएगा।

टैक्स-सेविंग्स की डेडलाइन करीब आ गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए टैक्स-सेविंग्स की आखिरी तारीख 31 मार्च है। 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू हो जाएगा। टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट पर डिडक्शंस का अगर आप लाभ उठाना चाहते हैं तो 31 मार्च आपके लिए निवेश का आखिरी मौका है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट पर डिडक्शंस क्लेम करने की सुविधा सिर्फ इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में मिलती है।

टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट ऑप्शंस

इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स सेक्शन 80सी के तहत आने वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में निवेश कर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत PPF, ELSS, Life Insurance Premium, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना और बैंक टैक्स सेविंग्स एफडी आते हैं। कोई व्यक्ति इन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये निवेश कर डिडक्शंस क्लेम कर सकता है।


हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर भी डिडक्शंस

इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम के टैक्सपेयर्स सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं। अगर आपने हेल्थ इंश्योरेंस खरीदी है और उसका रिन्यूएल बाकी है तो आपको 31 मार्च से पहले पॉलिसी को रिन्यू कराना होगा। अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो 31 मार्च तक जरूर खरीद लें, क्योंकि इसके बाद खरीदने पर आप वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान डिडक्शंस क्लेम नहीं कर सकेंगे। कोई व्यक्ति खुद और परिवार (पत्नी और बच्चों) के लिए हेल्थ पॉलिसी खरीदकर 25,000 रुपये तक डिडक्शन क्लेम कर सकता है। माता-पिता के लिए हेल्थ पॉलिसी खरीदने पर 50,000 रुपये का डिडक्शंस क्लेम किया जा सकता है।

अब तक किए गए टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट का रिव्यू

टैक्सपेयर्स एनपीएस में निवेश कर सेक्शन 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। लेकिन, इसके लिए भी भी एनपीएस में कंट्रिब्यूशन 31 मार्च, 2026 से पहले करना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है टैक्सपेयर्स को एक बार अब तक की गई अपने टैक्स-सेविंग्स को चेक कर लेने की जरूरत है। इससे पता चलेगा कि उन्होंने तय लिमिट तक निवेश कर दिया है या अभी नया निवेश करने की गुंजाइश है। उदाहरण के लिए अगर किसी टैक्सपेयर्स ने सेक्शन 80सी के तहत मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये तक निवेश नहीं किया है तो वह 31 मार्च से पहले म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स में निवेश कर सकता है। इससे वह पूरे 1.5 लाख रुपये पर डिडक्शन क्लेम कर सकेगा।

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होम लोन के इंटरेस्ट पर भी डिडक्शंस

सेक्शन 24 के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन तभी क्लेम किया जा सकता है, जब इसे वित्त वर्ष के दौरान चुकाया जाए। पेमेंट में देरी पर आप डिडक्शन का मौका चूक सकते हैं। सेक्शन 80जी के तहत डोनेशन पर डिडक्शन तभी क्लेम किया जा सकता है, जब डोनेशन 31 मार्च तक किया जाता है। इसके बाद डोनेशन करने पर उस पर आप वित्त वर्ष 2025-26 के लिए डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकेंगे।

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