भारतीय जूट बाजार के कारोबारियों के लिए सरकार ने राहत प्रदान की है। सरकार द्वारा जूट प्रोडक्ट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी जारी रखने का फैसला किया गया है। पहले से ही अंदाजा लगाया जा रहा था सरकार जूट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी जारी रख सकती है जिस पर आज मुहर लगती दिखाई दी। वित्त मंत्रालय ने एंटी डंपिंग जारी रखने के लिए नोटिफिकेशन पर जारी कर दिया है। जूट के अलावा भारत के टाइल्स उद्योग के लिए भी अच्छी खबर है क्योंकि सरकार ने टाइल्स पर भी एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया है।
सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने एक्स्क्लूसिव जानकारी देते हुए कहा कि जूट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी जारी रखने के बारे में वित्त मंत्रालय से सिफारिश की गई थी कि जूट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी जारी रखनी चाहिए। जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने ड्यूटी आगे भी जारी रखने के लिए अधिसूचना जारी कर दी।
लक्ष्मण ने कहा कि फिलहाल वित्त मंत्रालय द्वारा जूट पर साल 2022 तक एंटी डंपिंग ड्यूटी जारी रखने का फैसला किया गया है। इसके बाद इसमें किस तरह आगे ढील दी जानी है और इसे और कितना बढ़ाना है इसका फैसला डीजीटीआईआर की सिफारिश भी किया जायेगा। जूट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने के लिए जूट मैनुफैक्चरर ने सरकार से अनुरोध किया था जिसके बाद सरकार ने इस पर अपना निर्णय लिया है।
लक्ष्मण रॉय ने आगे कहा कि टाइल्स पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला भी किया गया है। इसके तहत प्रति स्कवायर मीटर पर 1.87 अमेरिकी डॉलर ($1.87/ Sq mt) के हिसाब से एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया गया है। इसके लिए भी वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। टाइल्स पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला गुजरात ग्रैनिटो मैनुफैक्चरर एसोसिएशन की सिफारिश पर किया गया है। इस एसोसिएशन में करीब 24 कंपनियों ने मिलकर सरकार से टाइल्स पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का अनुरोध किया था।