नए होम लोन बायर्स को अब नहीं मिलेगा यह बेनिफिट, 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट हुई खत्म

बजट 2019 में घोषित यह सीमित अवधि की टैक्स छूट 31 मार्च, 2022 को खत्म हो गई है

अपडेटेड Apr 03, 2022 पर 5:20 PM
1 अप्रैल, 2022 से नए होम बायर्स को होम लोन पर चुकाए गए 1.50 लाख रुपये तक के ब्याज पर अतिरिक्त टैक्स छूट (tax deduction) का लाभ नहीं मिलेगा

Housing loan tax break : 1 अप्रैल, 2022 से नए होम बायर्स को होम लोन पर चुकाए गए 1.50 लाख रुपये तक के ब्याज पर अतिरिक्त टैक्स छूट (tax deduction) का लाभ नहीं मिलेगा। सेक्शन 80 ईईए के तहत उपलब्ध इस लाभ की घोषणा 2019 के बजट में की गई थी। इसका उद्देश्य सस्ते घरों (affordable housing units) की खरीद को बढ़ावा देना था।

सेक्शन 80 ईईए के तहत सीमित अवधि का लाभ

Section 80EEA : बजट, 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ऐलान किया था कि पहली बार घर खरीदने वाले सस्ता घर यानी अफोर्डेबिल हाउसिंग यूनिट खरीदने पर लिए गए लोन पर चुकाए गए 1.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर अतिरिक्त छूट हासिल कर सकते हैं। शुरुआत में, वित्तीय संस्थानों द्वारा 1 अप्रैल, 2019 और 31 मार्च, 2020 के बीच स्वीकृत कर्जों के लिए ही यह छूट ली जा सकती थी।

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सुदीत के पारेख एंड कंपनी एलएलपी की पार्टनर (डायरेक्ट टैक्स) अनीता बसरूर ने कहा, “हालांकि, बाद के वित्त विधेयकों में इस स्वीकृत लोन की अवधि को 31 मार्च, 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2021 कर दिया गया था और आखिर में इसे 31 मार्च, 2022 तक कर दिया था। इसके आगे अवधि नहीं बढ़ाई गई।”

स्टैम्प ड्यूटी पर यह थी शर्त

यह टैक्स बेनिफिट इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 24(बी) के तहत उपलब्ध होम लोन (home loan interest) पर चुकाए गए 2 लाख रुपये तक के ब्याज पर छूट के अतिरिक्त है। इस बेनिफिट के दावे की एक अन्य शर्त यह है कि हाउस प्रॉपर्टी की स्टैम्प ड्यूटी वैल्यू 45 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

क्या है अफोर्डेबिल हाउस

affordable house : इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (income tax department) के मुताबिक, एक अफोर्डेबिल हाउसिंग यूनिट वह है जिसका कारपेट एरिया दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों में 60 वर्ग मीटर (645 वर्ग फुट) से ज्यादा न हो। गैर मेट्रो शहरों में यह ऊपरी सीमा 90 वर्ग मीटर (968 वर्ग फुट) है।

सीमित लाभार्थी

भले ही अतिरिक्त छूट सीमा आकर्षक लगती है, लेकिन पिछले कुछ साल में ब्याज दर परिदृश्य, लोन टू वैल्यू रेश्यो और अन्य सख्त पात्रता शर्तों के कारण कुछ बॉरोअर्स ही अधिकतम लाभ पाने में सक्षम होंगे।

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