सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर टैक्सेज (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म को नोटिफाई कर दिया है। टैक्सपेयर्स इस फॉर्म के जरिए अब वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। CBDT ने ITR फॉर्म 1 से लेकर ITR फॉर्म 6 तक, सभी नए आईटीआर फॉर्म्स को नोटिफाई किया है। लगभग सभी आईटीआर पिछले वित्त वर्ष की तरह ही है और कुछ छोटे बदलावों को छोड़कर इनमें कोई बड़ बदलवा नहीं किया गया है।
Nangia Andersen LLP की डायरेक्टर नेहा मल्होत्रा ने बताया, "समय से फॉर्म नोटिफाई होने से टैक्सपेयर्स को अब 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए आवश्यक जानकारियों का मिलाक के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि टैक्स अधिकारियों को ITR फॉर्म्स के लिए यूटिलिटी विकसित करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और अंतिम समय में जल्दबाजी के चलते कोई गड़बड़ी नहीं देखने को मिलेगी।" आइए जानते हैं कि किस टैक्सपेयर्स के लिए कौन सा ITR फॉर्म लागू होगा।
ITR 1 फॉर्म या सहज (SAHAJ)
इसके अलावा अगर आप बैंक में जमा पैसे या सिर्फ एक हाउस प्रॉपर्टी पर मिलने वाले ब्याज से आय कमाते हैं, तो भी आप ITR 1 फॉर्म में रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। साथ ही, अगर आपकी कृषि आय 5,000 रुपये तक है, तो भी आप अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए ITR 1 फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर आपकी सैलरी इनकम 50 लाख रुपये से अधिक है तो आपको आयकर रिटर्न के लिए ITR-2 फॉर्म भरना होगा। इसके अलावा अगर आप आप एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी से आय हासिल करते, या विदेशी आय का जरिया है या किसी विदेशी संपत्ति के मालिक हैं, तो भी आप ITR-2 फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं या आप सिर्फ अन-लिस्टेड कंपनियों के शेयर रखते हैं, तो भी आपको रिटर्न दाखिल करने के लिए ITR-2 का उपयोग करना चाहिए।
यह फॉर्म उन बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए होता है जो सैलरी के जरिए आय नहीं हासिल करते हैं। ITR-2 के लिए पात्र सभी आय लोग इस फॉर्म के लिए भी मान्य हैं। अगर आप किसी फर्म के पार्टनर हैं तो आपको ITR-3 का इस्तेमाल करना चाहिए।
ITR-4 का इस्तेमाल उन रेजिडेंट इंडीविजुअल और HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) द्वारा किया जा सकता है, जिनकी पिछले वित्त वर्ष में आय किसी प्रोफेशन या बिजनेस से हासिल हुई थी और वे इनकम टैक्स के कैलकुलेशन के लिए प्रीजम्प्टिव इनकम स्कीम (PIS) को अपनाना चाहते हैं।
ये दोनों फॉर्म इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए नहीं हैं। ITR-5 पार्टनरशिप फर्मों, बिजनेस ट्रस्टों, इनवेस्टमेंट फंड्स आदि के लिए होता है। वहीं ITR-6 फॉर्म कंपनीज एक्ट के सेक्शन 11 के तहत रजिस्टर्ड कंपनियों के लिए होता है।