Income Tax : सालाना 10 लाख रुपये तक की इनकम है तो नहीं करें टैक्स की चिंता, जानिए क्यों

इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत आप सालाना 1.5 लाख रुपये इनवेस्ट कर डिडक्शन हासिल कर सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत लाइफ इश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ, म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम, पीपीएफ, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन के प्रिंसिपल सहित कई चीजें आती हैं

अपडेटेड Apr 05, 2022 पर 1:07 PM
इनकम टैक्स के सेक्शन 80सीसीडी (1बी) के तहत नेशनल पेंशन स्कीम में इनवेस्टमेंट पर अतिरिक्त 50,000 रुपये सालाना का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

अगर नौकरी से आपकी सालाना इनकम (Annual Income) 10 लाख रुपये तक है तो आपको टैक्स (Income Tax) की चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप पूरा टैक्स बचा सकते हैं। बस इसके लिए आपको थोड़ी प्लानिंग (Tax Planning) करनी होगी। नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हुआ है। इसलिए अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपके लिए प्लान बनाने और उस पर अमल के लिए पूरा समय है। हम आपको बता रहे हैं कि टैक्स बचाने के लिए आपको क्या करना होगा।

इनकम टैक्स के कई नियम और प्रावधान आपको टैक्स डिडक्शन की सुविधा देते हैं। इनमें सेक्शन 80 सी सबसे पॉपुलर है। इसके बाद सेक्शन 80सीसीडी(1बी), हाउसिंग लोन या एजुकेशन लोन और हेल्थ पॉलिसी टैक्स बचाने में आपकी मदद करती हैं। इनकम टैक्स के उपर्युक्त नियमों का अगर आप पूरा फायदा उठाने के लिए तैयार हैं तो फिर 10 लाख रुपये तक की इनकम पर आपको टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा

सरकार नौकरी या पेंशन पाने वाले लोगों को स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा देती है। अभी एक वित्त वर्ष में आपकी कुल आय पर 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इसका लाभ नौकरी वाले सभी टैक्सपेर्यस को मिलता है। इस तरह अगर आपकी सालाना इनकम 10,00,000 रुपये है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद आपकी इनकम 9.5 लाख रुपये रह जाएगी।


सेक्शन 80सी

इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत आप सालाना 1.5 लाख रुपये इनवेस्ट कर डिडक्शन हासिल कर सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत लाइफ इश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ, म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम, पीपीएफ, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन के प्रिंसिपल सहित कई चीजें आती हैं। अगर आप इस सेक्शन का पूरा फायदा उठाते हैं तो आपकी टैक्सबेल इनकम घटकर 8 लाख रुपये (स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद 1.5 लाख रुपये घटाने पर) रह जाएगी।

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नेशनल पेंशन स्कीम पर टैक्स डिडक्शन

इनकम टैक्स के सेक्शन 80सीसीडी (1बी) के तहत नेशनल पेंशन स्कीम में इनवेस्टमेंट पर अतिरिक्त 50,000 रुपये सालाना का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इसका मतलब है कि इस सेक्शन के तहत आप एक वित्त वर्ष में अतिरिक्त 50 हजार रुपये का अतिरिक्त डिडक्शन हासिल कर सकते हैं। इस तरह 8 लाख रुपये में से 50 हजार रुपये घटाने पर आपकी आय 7.5 लाख रुपये रह जाती है।

होम लोन पर टैक्स छूट

होम लोन पर टैक्स छूट मिलती है। इसलिए अगर आप अपना टैक्स घटाना चाहते हैं तो आप होम लोन पर मिलने वाले डिडक्शन का फायदा उठा सकते हैं। अगर आप होम लोन के इंट्रेस्ट पर एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये तक के डिडक्शन का दावा करते हैं तो 7.5 लाख रुपये में से 2 लाख रुपये घटाने पर आपकी इनकम 5.5 लाख रुपये रह जाती है।

हेल्थ पॉलिसी पर टैक्स छूट

हेल्थ पॉलिसी खरीदने पर इनकम टैक्स डिडक्शन की सुविधा मिलती है। आप खुद और अपने परिवार के लिए हेल्थ पॉलिसी खरीदकर सालाना 25,000 रुपये डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। अगर आप अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए हेल्थ पॉलिसी खरीदते हैं तो आपको अतिरिक्त सालाना 50,000 रुपये डिडक्शन का फायदा मिलता है। आपकी 5.5 लाख रुपये की इनकम से 75,000 रुपये घटा देने पर इनकम 4.75 लाख रुपये सालाना रह जाती है।

इनकम टैक्स के नियम के मुताबिक, टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये से कम होने पर आपका टैक्स जीरो हो जाता है। इनकम टैक्स के सेक्शन 87ए के तहत 5 लाख रुपये से कम की आय पर टैक्स नहीं लगता है। इस तरह 10 लाख रुपये तक की सैलरी पर आप अपना टैक्स घटाकर जीरो कर सकते हैं।

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