Income Tax Return: क्या आपने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है। अगर नहीं किया है तो 1 अप्रैल से ज्यादा टीडीएस और टीसीएस कट सकता है। दरअसल, सरकार ने TDS और TCS से जुड़े नियम में बदलाव किया है। इसके मुताबिक, अगर आपने किसी वित्त वर्ष में आईटीआर फाइल नहीं किया है तो नेक्स्ट फाइनेंशियल ईयर से TDS 50,000 रुपये या इससे ज्यादा होने पर ज्यादा रेट से टीडीएस और टीसीएस कटेगा।
ज्यादा टीडीएस के लिए अमाउंट की सीमा क्या होगी?
ज्यादा टीडीएस या टीसीएस इनकम के तय स्रोत पर लागू होगा। इसमें रेकरिंग और फिक्स्ड डिपॉजिट से इंट्रेस्ट इनकम, डिविडेंड इनकम, एनुइटी पेमेंट्स आदि शामिल हैं। इस बारे में पिछले साल पेश बजट में ऐलान किया गया था। इसमें कहा गया था कि अगर किसी टैक्सपेयर ने वित्त वर्ष 2018-19 और वित्त वर्ष 2019-20 में आईटीआर फाइल नहीं किया है तो उसे इंट्रेस्ट इनकम, डिविडेंड इनकम, एनुइटी पेमेंट से होने वाली 50,000 रुपये की इनकम पर ज्यादा टीडीएस और टीडीएस कटेगा।
बजट 2022 में नियम में क्या संशोधन किया गया?
उपर्युक्त कानून में बजट 2022 में संशोधन कर और सख्त बना दिया गया। इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022-23 से अगर किसी टैक्सपेयर ने वित्त वर्ष 2019-20 का आईटीआर फाइल किया है और अगर वित्त वर्ष 2020-21 का आईटीआर फाइल नहीं किया है और 2020-21 में टोटल टीडीएस 50,000 रुपये या इससे ज्यादा होता है तो 1 अप्रैल, 2022 से उसकी इनकम से ज्यादा टीडीएस और टीसीएस लिया जाएगा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नियम की याद दिलाई
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस बारे में ट्वीट भी किया है। इसमें कहा गाया है कि आईटीआर फाइल नहीं करने पर अगले वित्त वर्ष से ज्यााद टीडीएस लगेगा। एसेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए आईटीआर फाइल करने के वास्ते अंतिम तारीख 31 मार्च 2022 है। इसलिए अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करें।
पिछले साल सीबीडीटी ने जारी किया था सर्कुलर
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने जून 2021 में एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें बताया गया था कि किस तरह ज्यादा टीडीएस, टीसीएस काटने के लिए टैक्सपेयर्स की पहचान की जाएगी। बैंक सहित फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस टीसीएस, टीडीएस काटते हैं। उन्हें इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर व्यक्ति का पैन एंटर करना होगा। इससे उन्हें पता चल जाएगा कि उस व्यक्ति का ज्यादा टीडीएस या टीसीएस काटना है या नहीं।