ITR filing: इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के लिए कैसे करें सही फॉर्म का चुनाव?

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए कई फॉर्म हैं। सोर्स ऑफ इनकम, टोटल टैक्सेबल इनकम, ऑरिजिन ऑफ एसेट (देशी या विदेशी) आदि के आधार पर फॉर्म का चुनाव करना पड़ता है

अपडेटेड Jul 13, 2022 पर 1:36 PM
Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने आईटीआर के सात फॉर्म नोटिफाई किए हैं। इनमें ITR-1 से ITR-4 इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए हैं।

Income Tax Return फाइल करने की तारीख नजदीक आ रही है। पिछले वित्त वर्ष (2021-22) का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2022 है। आपको इस तारीख तक अपना ITR फाइल कर देना जरूरी है। अगर आपने अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आपको जल्द कर देना चाहिए। अंतिम वक्त में रिटर्न फाइल करना ठीक नहीं है।

आईटीआर फाइल करने से पहले आपको सबसे पहले अपने लिए सही इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म का चुनाव करना होगा। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए कई फॉर्म हैं। सोर्स ऑफ इनकम, टोटल टैक्सेबल इनकम, ऑरिजिन ऑफ एसेट (देशी या विदेशी) आदि के आधार पर फॉर्म का चुनाव करना पड़ता है।


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Deloitte India की पार्टनर Aarti Raote ने बताया, "एसेसमेंट ईयर 2022-23 में आईटीआर फॉर्म्स में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। इन्हें समझना जरूरी है।" आपको बता दे कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग मे आपको बार-बार एसेसमेंट ईयर का जिक्र देखने को मिलेगा। एसेसमेंट ईयर का मतलब उस ईयर से है, जिसमें आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं। इसे आप उदाहरण की मदद से आसानी से समझ सकते हैं। अभी आप एसेसमेंट ईयर 2022-23 का रिटर्न फाइल करेंगे। लेकिन, यह फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में आपको हुई इनकम का ITR होगा।

Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने आईटीआर के सात फॉर्म नोटिफाई किए हैं। इनमें ITR-1 से ITR-4 इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ITR-1

अगर आप नौकरी करते हैं और फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में आपकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक थी तो आपको इस फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा। पेंशन पाने वाले लोगों को भी इसी फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा। अगर आपको बैंक में डिपॉजिट से इंटरेस्ट मिलता है, घर से किराए के रूप में इनकम होती है तो भी आपको इसी फॉर्म का चुनाव करना होगा। अगर आपकी एग्रीकल्चर इनकम 5000 रुपये है तो आपको आईटीआर-1 का इस्तेमाल करना होगा।

ITR-2

अगर आपको सैलरी से इनकम के अलावा दूसरे स्रोतों से आय होती है तो आपको आईटीआई-2 का इस्तेमाल करना होगा। दूसरे स्रोतों में कैपिटल गेंस से इनकम, एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी से इनकम, फॉरेन इनकम, फॉरेन एसेट्स, कंपनी में डायरेक्टर बनने पर होने वाली इनकम और अनलिस्टेड शेयर से होने वाली इनकम आती है।

ITR-3

यह फॉर्म उन लोगों के लिए है, जो फॉर्म-2 के लिए तय स्रोतों से इनकम प्राप्त करने के साथ ही किसी बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम हासिल करते हैं। अगर आप किसी फर्म में पार्टनर हैं तो भी आपको आईटीआर-3 का इस्तेमाल करना होगा।

ITR-4

यह फॉर्म रेजिडेंट इंडिविजुअल्स, HUF और फर्मों (LLP को छोड़कर) के लिए जिनकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है और बिजनेस और प्रोफेशन से भी इनकम होती है।

इस साल फॉर्म में अगर आप पेंशनर हैं तो आपको यह बताना होगा कि आपको केंद्र सरकार से पेंशन मिलती है या राज्य सरकार से। आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में फॉर्म ध्यान से भरना चाहिए। फॉर्म में गलत जानकारी देने से आपको दिक्कत हो सकती है।

टैक्समैनेजर डॉट इन के चीफ एग्जिक्यूटिव दीपक जैन ने कहा, "अगर आप गलत फॉर्म का चुनाव करते हैं तो कुछ खास तरह के इनकम के स्रोत की जानकारी आप नहीं दे सकेंगे।" ऐसा होने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके फॉर्म को डिफेक्टिव मान लेगा। फिर टैक्सपेयर को 15 दिन के अंदर रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। जैन ने कहा कि इसके बाद भी अगर आप रिवाइज्ड रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आपके रिटर्न को इनवैलिड मान लिया जाएगा।

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