CBDT ने Tax Deducted at Source (TDS) का दायरा बढ़ा दिया है। सीबीडीटी ने इस बारे में गुरुवार को नई गाइडलाइंस जारी की। इसके मुताबिक, कंपनी के डायरेक्टर्स को इश्यू किए गए शेयर्स, डायरेक्टर्स को दी गई कार, स्पॉन्सर्ड बिजनेस ट्रिप या कंपनी की तरफ से कॉन्फ्रेंस के आयोजन पर अब TDS लागू होगा। TDS की दर 10 फीसदी होगी। नए नियम 1 जुलाई से लागू हो जाएंगे।
CBDT ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 194R के तहत TDS की डिटेल गाइडलाइंस जारी की है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति एक साल में 20,000 रुपये से ज्यादा का बेनेफिट या भत्ता किसी को देता है तो उस पर 10 फीसदी टीडीएस लागू होगा। इसका प्रावधान इस साल फरवरी में पेश बजट में किया गया था।
नई गाइडलाइंस के मुताबिक अगर बेनेफिट्स या भत्ते ओनर, डायरेक्टर, एंपलॉयीज या उनके रिश्तेदार को दिए जाते हैं जो इंडिविजुअल कैपेटिसी में किसी तरह का बिजनेस या प्रोफेशन में नहीं हैं वे टीडीएस के दायरे में आएंगे। डायरेक्टर्स को शेयर या कार के एलॉटमेंट पर भी टीडीसी लागू होगा।
यह प्रावधान सेल्स डिस्काउंट, कैश डिस्काउंट या कस्टमर्स को रिबेटेड ऑफर्स पर लागू नहीं होगा। लेकिन, अगर सेलर डिस्काउंट या रिबेट के अलावा दसरे किसी तरह का इनसेंटिव देता है जो कैश में है तो उस पर टीडीएस लागू होगा। यह कार, टीवी, कंप्यूटर्स, गोल्ड कॉइन, मोबाइल फोन, स्पॉन्सर्ड ट्रिप्स, फ्री टिकट और डॉक्टर को दिए जाने वाले मेडिकल सैंपल पर लागू हो सकता है।
बिजनेस कॉन्फ्रेंस को टीडीएस के दायरे से बाहर रखी गई है। लेकिन, इसमें एक शर्त है। वह यह है कि इसमें लेजर कंपोनेंट शामिल नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही फैमिली मेंबर्स जो पार्टिसिपेंट के साथ होंगे उन्हें कॉन्फ्रेंस के दिन से पहले या बाद तक ठहरना (Stay) होगा। गाइडलाइंस में कहा गया है कि वैल्यू के कैलकुलेशन के लिए 1 अप्रैल की तारीख से अकाउंट को ध्यान में रखा जा सकता है।