GST Council के खिलाफ जाने वाले राज्य अलग पड़ जाएंगे। BJP के सीनियर नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल से अलग रुख अपनाने वाले राज्य अलग पड़ जाएंगे, क्योंकि दूसरे राज्यों को उनके साथ बिजनेस करने में दिक्कत आएगी।
GST काउंसिल की मीटिंग 28 जून को चंडीगढ़ में शुरू हो गई है। इस दो दिवसीय बैठक में कई अहम मसलों पर चर्चा होने का अनुमान है। यह मीटिंग जीएसटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में अपने फैसले में कहा था कि जीएसटी काउंसिल के फैसले राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं हैं। इसके बाद गैर-भाजपा शासित राज्यों के रुख में बदलाव देखने को मिला है।
मोदी ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, "मीडिया ने मोहित मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड मामले से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में अनावश्यक बातें फैलाई हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है। संवैधानिक संशोधन में कहा गया है कि जीएसटी के फैसले रिकोमेंडटेरी नेचर के हैं।" उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में जीएसटी का ढांचा परिपक्व हुआ है। जीएसटी लागू होने से पहले मोदी ने इससे जुड़ी कई समितियों में बड़ी भूमिका निभाई थी।
जीएसटी को लागू हुए पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। 1 जुलाई, 2017 को जीएसटी की व्यवस्था लागू हुई थी। इसे टैक्स सिस्टम में देश की आजादी के बाद सबसे बड़ा बदलाव माना गया है। शुरुआत के कुछ सालों में आई दिक्कतों के बाद अब जीएसटी की व्यवस्था ठीक तरह से काम कर रही है।
मोदी ने कहा, "अलग-अलग सुर हो सकते हैं, मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन आखिकार सबसे जटिल मसले का निपटारा हो गया है। अगर कुछ राज्य जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों से अलग हटना चाहते हैं तो वे अलग-थलग पड़ जाएंगे। कोई ऐसे राज्यों के साथ बिजनेस करने की कोशिश नहीं करेगा।"
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि 2020 में केरल ने लॉटरीज पर ज्यादा यूनिफॉर्म टैक्स लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया था। लेकिन, बाद में उसने भी काउंसिल के फैसले को लागू किया। फिर भी, अगर कोई राज्य किसी जीएसटी काउंसिल के खिलाफ जाना चाहता है और किसी खास गुड या सर्विस पर टैक्स बढ़ाता है तो सिर्फ केंद्र को राज्यों के बीच होने वाले व्यापार पर टैक्स लगाने का अधिकार है।
उन्होंने कहा, "केंद्र की तरफ से IGST Act लागू किया गया है। कोई राज्य अपना कानून बदल सकता है, लेकिन केंद्र का कानून नहीं बदल सकता। अगर गुड्स एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है तो उस पर केंद्र का कानून लागू होगा, न कि राज्य का।"
मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्यों की वित्तीय सेहत कोरोना की महामारी की वजह से खराब है। देश और विदेश की घटनाओं की वजह से आर्थिक परिदृश्य अनिश्चित दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कमजोर वित्तीय स्थिति को देखते हुए रेट्स बढ़ाना एक रास्ता हो सकता है, लेकिन यह अच्छा विचार नहीं है। इसकी वजह यह है कि मुद्रास्फीति पर दबाव बना हुआ है।