TDS Return Filing : टीडीएस रिटर्न फाइलिंग एक तिमाही स्टेटमेंट है जो आयकर विभाग (income tax department) देता है। एक बार जब टीडीएस रिटर्न जमा हो जाता है तो इसकी डिटेल्स फॉर्म 26एएस (Form 26 AS) में आ जाती हैं। आयकर विभाग देर से टीडीएस रिटर्न फाइल करने वालों पेनाल्टी लगाता है।
निश्चित तारीख पर या उससे पहले टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (tax deducted at source) यानी TDS रिटर्न की फाइलिंग में किसी प्रकार की देरी पर आपको प्रति दिन 200 रुपये लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ती है। क्लीयर के फाउंडर और सीईओ अर्चित गुप्ता के मुताबिक, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234ई के तहत यह कार्रवाई की जाती है। गुप्ता ने सीएनबीसी टीवी18 से बातचीत में कहा, टीडीएस में देरी में हर रोज पेनाल्टी देनी होती है।
1 लाख तक लग सकता है जुर्माना
ऐसे में रिटर्न भरते समय तो सबसे पहले आपसे देर होने को लेकर लेट फीस वसूली जाती है और उसके बाद जुर्माना लगता है। इस मामले में आयकर अधिकारी न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगा सकते हैं। बिना लेट फीस भरे आप टीडीएस का रिटर्न नहीं दाखिल कर सकते और लेट फीस टीडीस की राशि से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
तिमाहीवार जमा होता है रिटर्न
इसलिए, अगर आप टीडीएस रिटर्न दाखिल करते समय लेट फीस और जुर्माने से बचना चाहते हैं तो समय से पहले इसे दाखिल करना न भूलें। तिमाही टीडीएस फाइल करने के लिए पहली निर्धारित तारीख 31 जुलाई, 2022 है। चूंकि, आयकर रिटर्न भरने की भी यही अंतिम तिथि होती है, लिहाजा कई करदाता इसे लेकर भ्रमित हो सकते हैं।
आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि टीडीएस का रिटर्न हर तिमाही समाप्त होने के बाद आने वाले महीने की आखिरी तारीख तक भर जाना चाहिए। इसका मतलब हुआ कि अप्रैल-जून तिमाही का रिटर्न 31 जुलाई तक, जुलाई-सितंबर तिमाही का रिटर्न 31 अक्तूबर तक, अक्तूबर-दिसंबर तिमाही का रिटर्न 31 जनवरी तक और जनवरी-मार्च तिमाही रिटर्न 31 मई तक दाखिल हो जाना चाहिए।
फॉर्म 16 या 16ए क्यों है जरूरी
टीडीएस रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्सपेयर को फॉर्म 16 या 16ए की जरूरत होगी, जो किसी भी तरह की आय पर टैक्स कटौती का सर्टिफिकेट होता है। इसमें कर्मचारी के बदले में एम्प्लॉयर द्वारा भरे गए टैक्स की डिटेल होती है। टैक्सपेयर अपने टीडीएस, टीसीएस और एडवांस टैक्स का फॉर्म 26एएस के जरिये भी आकलन कर सकता है।