ऑनलाइन गेम्स से अमाउंट जीतने पर सेक्शन 194BA के तहत लगेगा TDS, क्या है फाइनेंस मिनिस्ट्री की नई गाइडलाइंस ?

ऑनलाइन गेमिंग को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 194B के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इसकी जगह नया सेक्शन 194BA लाया गया है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2023 से लागू हो गया है। अब ऑनलाइन गेमिंग के विजेता को मिलने वाले नेट विनिंग अमाउंट पर सेक्शन 194BA के तहत 30 फीसदी रेट से TDS लगेगा

अपडेटेड May 31, 2023 पर 5:13 PM
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फाइनेंस मिनिस्ट्री ने काफी इंतजार के बाद ऑनलाइन गेमिंग के विनिंग अमाउंट पर टीडीएस को लेकर गाइडलाइंस जारी की है। इससे ऑनलाइन गेम खेलने वाले और ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की कई तरह की उलझन खत्म हो जाएगी।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने Budget 2023 में ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स के नियम में एक बदलाव का ऐलान किया था। ऑनलाइन गेमिंग को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 194B के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इसकी जगह नया सेक्शन 194BA लाया गया है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2023 से लागू हो गया है। अब ऑनलाइन गेमिंग के विजेता को मिलने वाले नेट विनिंग अमाउंट पर सेक्शन 194BA के तहत 30 फीसदी रेट से TDS लगेगा।

सेक्शन 194BA के प्रावधानों के मुताबिक, निम्नलिखित दो स्थितियों में नेट विनिंग अमाउंट पर टैक्स का कंप्यूटेशन होगा:

(I) यूजर अकाउंट से विड्रॉल नहीं होने पर TDS का कैलकुलेशन


फाइनेंशियल ईयर के अंत में यूजर अकाउंट से ऑनलाइन गेमिंग के नेट विनिंग्स पर टीडीएस डिडक्ट होगा।

(II) साल के दौरान यूजर अकाउंट से विड्रॉल होने पर TDS का कैलकुलेशन

अगर यूजर अकाउंट से फाइनेंशियल ईयर के दौरान विड्रॉल होता है तो यूजर की तरफ से कुल विड्रॉल अमाउंट में से नेट विनिंग्स के हर विड्रॉल के वक्त ऑनलाइन गेमिंग कंपनी को TDS डिडक्ट करना होगा। इसके अलावा यूजर अकाउंट में नेट विनिंग्स के बाकी अमाउंट पर भी फाइनेंशियल ईयर के अंतर में TDS डिडक्ट होगा। इस मामले में नेट विनिंग्स पर कंप्यूटेशन का तरीका क्या होगा, उसके बारे में अभी जारी गाइडलाइंस में बताया गया है।

Finance Act 2023 में कुछ सवालों के जवाब नहीं थे, जिसके चलते फाइनेंस मिनिस्ट्री ने नेट विनिंग्स पर टीडीएस के कैलकुलेशन के संबंध में कुछ स्पष्टीकरण पेश किए हैं:

विडॉल की स्थिति में नेट विनिंग्स का कंप्यूटेशन कैसे करें :

अगर यूजर साल के दौरान कोई विड्रॉल करता है तो इस तरह के हर विड्रॉल पर निम्नलिखित फॉर्मूला के आधार पर नेट विनिंग्स का निर्धारण होगा:

नेट विनिंग्स = A-(B+C), जहां

A= यूजर अकाउंट से निकाला गया अमाउंट;

B = विड्रॉल के समय तक ऐसे अकाउंट के ओनर की तरफ से यूजर अकाउंट में किए गए नॉन-टैक्सेबल डिपॉजिट का एग्रीगेट अमाउंट; और

C = फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में यूजर अकाउंट का ओपनिंग बैलेंस

क्या गेमिंग पोर्टल की सर्विसेज पर लगाए गए GST पर TDS लागू होगा?

गेमिंग पोर्टल की तरफ से अपने यूजर पर लगाए जीएसटी पर TDS नहीं लगेगा।

नॉन-टैक्सेबल अमाउंट क्या है?

नॉन-टैक्सेबल डिपॉजिट का मतलब ऐसे डिपॉजिट से है, जो यूजर अपने अकाउं में करता है।

कब किसी अमाउंट को टैक्सेबल अमाउंट माना जाएगा और यूजर को को मिलने वाले दूसरे बेनेफिट्स पर किस तरह टैक्स लगेगा?

यूजर्स के मामले में कुछ खास अमाउंट को तब टैक्सेबल माना जाएगा जब गाइडलाइंस से निम्नलिखित बातें निकलती हों:

I. टैक्सेबल अमाउंट में ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल की तरफ से दिए जाने वाले सभी बोनस, रेफरल बोनस, इनसेंटिव आदि शामिल होंगे, जिन्हे यूजर अकाउंट में डाल जाएगा। इन डिपॉजिट्स पर यूजर्स को टैक्स चुकाना होगा और ऑनलाइन पोर्टल उसी तरह से विड्रॉल के वक्त टीडीएस डिडक्ट करेगा नहीं तो अगर यूजर की तरफ से कोई विड्रॉल नहीं किया जाता है तो फाइनेंशियल ईयर के अंत में TDS डिडक्ट होगा।

II. अगर ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल किसी तरह के कॉइन, कूपन, वाउटर्स, काउंटर्स आदि देता है जिसे पैसे के बराबर माना जाता है तो यूजर के अकाउंट में ऐसे डिपॉजिट को टैक्सेबल डिपॉजिट माना जाएगा। हालांकि, अगर ऐसा इनसेंटिव/बोनस यूजर के अकाउंट में सिर्फ गेम खेलने के एवज में डिपॉजिट किया जाता है और उसे विड्रॉ नहीं किया जा सकता या किसी दूसरे काम के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो ऐसे डिपॉजिट को नेट विनिंग्स के कैलकुलेशन से बाहर रखा जाएगा और ऑनलाइन गेमिंग कंपनी को ऐसे डिपॉजिट्स के लिए अलग अकाउंट मेंटेन करना होगा। अगर बाद में ऑनलाइन गेंमिंग कंपनी ऐसे इनसेंटिव्स को कनवर्ट करती है और यूजर को इसे विड्रॉ करने की इजाजत देती है तो यह तो यह कनवर्जन या इस तरह के रिकैरेक्टराइजेशन पर टैक्सेबल हो जाएगा।

III. अगर ऑनलाइन गेमिंग कंपनी यूजर अकाउंट से किसी तरह का कूपन जारी करती है, जिसका इस्तेमाल यूजर गुड्स या सर्विसेज खरीदने के लिए कर सकता है तो उसे विड्रॉल माना जाएगा और ऑनलाइन गेमिंग कंपनी को इस पर टीडीएस डिडक्ट करना होगा।

IV. अगर गेम की विनिंग्स में कुछ हिस्सा प्राइज का होता है और कुछ हिस्सा कैश और कुछ समान में होता है तो ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल यूजर को खुद टैक्स डिपॉजिट करने और उसका प्रूफ गेमिंग पोर्टल को सब्मिट करने के लिए कह सकता है और दूसरा ऑप्शन यह है कि गेमिंग पोर्टल खुद इस टैक्स को डिडक्ड कर दें और इसे नेट विनिंग्स पर टैक्स डिडेक्टेड के रूप में पेमेंट कर दे।

अगर ऑनलाइन गेमिंग कंपनी कई तरह के पोर्टल्स चलाती है, जिनका अलग TANs हैं तो टीडीएस का कैलकुलेशन किस तरह होगा?

अगर ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के कई पोर्टल्स हैं और हर पोर्टल का अपना अलग TAN है तो टीडीएस का कैलकुलेशन हर TAN के लेवल पर किया जाएगा।

अगर यूजर के पास एक से ज्यादा अकाउंट्स हैं तो TDS किस तरह डिडक्ट होगा?

अगर यूजर के पास कई वॉलेट्स हैं तो:

(I) डिपॉजिट्स, विड्रॉल्स या बैलेंस को ऑनलाइन गेमिंग पोर्टर्स के साथ यूजर के सभी अकाउंट को जोड़ने के बाद किया जाएगा और इसके हिसाब से नेट विनिंग्स का कैलकुलेशन होगा।

(II) अगर यूजर एक गेमिंग पोर्टल के एक ही TAN से कुछ पैसा एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करता है तो उसे विड्रॉल या डिपॉजिट नहीं माना जाएगा, लेकिन यदि पोर्टल के अलग-अलग TAN हैं तो ऐसे विड्रॉल पर टीडीएस डिडक्ट होगा।

TDS से रियायत के लिए शर्त

अगर एक महीना में विड्रॉल अमाउंट 100 रुपये से कम है तो कोई टीडीएस डिडक्ट नहीं होगा लेकिन यदि बाद के महीनों में अमाउंट 100 रुयये से ज्यादा रहता है तो पहले चुकाए गए अमाउंट्स पर ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल को टीडीएस डिडक्ट करना होगा।

मई 2023 तक किसी तरह के शॉर्टफॉल को 7 जून, 2023 तक डिपॉजिट करने पर TDS

सर्कुलर में कहा गया है कि इस सर्कुलर के 7 जून, 2023 से लागू होने पर अगर टीडीएस में किसी तरह का अंतर आता है तो उसे चुकाने में ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल्स को रियायत मिलेगी

निष्कर्ष

इस गाइडलाइंस का काफी समय से इंतजार था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने आखिरकार इसे रिलीज कर दिया है। हाल के सालों में ऑलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में बड़ा उछाल आया है और कई प्रोफेशनल गेमर्स मैदान में कूद पड़े हैं। कई गेमर्स इस गेम को एक्टिवली खेल रहे हैं और काफी पैसा कमा रहे हैं। उपर्युक्त गाइडलाइंस से गेमर्स और गेमिंग कंपनियों की तरफ से उठाए जाने वाले कई सवालों के जवाब मिल जाएंगे।

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