पत्नी को मिली प्यार की कीमत! पति की 6.75 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए मिला टैक्स नोटिस

मुंबई की एक महिला को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, उनके पति ने 6.75 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी, लेकिन डॉक्यूमेंट में पत्नी का नाम भी जोड़ दिया गया। पूरी रकम पति ने दी पर टैक्स विभाग ने शक के चलते पत्नी को भी नोटिस भेज दिया

अपडेटेड Aug 16, 2025 पर 4:35 PM
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मुंबई की एक महिला को इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिला था। उनके नाम पर 6.75 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी की जॉइंट रजिस्ट्री थी।

प्रॉपर्टी खरीदते समय सिर्फ नाम जोड़ना आसान है, लेकिन सही डॉक्यूमेंटेशन बेहद जरूरी है। वरना टैक्स विभाग को शक हो सकता है। कुछ ऐसा ही मुंबई की एक महिला के साथ हुआ। दरअसल, उनके पति ने 6.75 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी, लेकिन डॉक्यूमेंट में पत्नी का नाम भी जोड़ दिया गया। पूरी रकम पति ने दी पर टैक्स विभाग ने शक के चलते पत्नी को भी नोटिस भेज दिया। अब कोर्ट ने साफ कर दिया कि पैसा नहीं लगाया, तो जिम्मेदारी भी नहीं बनती।

मामला क्या है?

मुंबई की एक महिला को इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिला था। उनके नाम पर 6.75 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी की जॉइंट रजिस्ट्री थी। लेकिन सच्चाई ये थी कि इस पूरी डील में महिला ने कोई पैसा नहीं लगाया था। रकम पूरी तरह से पति ने दी थी।


पत्नी की आय और टैक्स विभाग का शक

महिला एक गृहिणी हैं और उनकी सालाना इनकम महज 4.36 लाख रुपये है। ऐसे में उनका नाम करोड़ों की प्रॉपर्टी डील में देखकर इनकम टैक्स अधिकारियों को शक हुआ कि कहीं टैक्स चोरी तो नहीं हो रही। इसलिए पत्नी को भी नोटिस भेज दिया गया।

हाईकोर्ट का फैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नोटिस को कैंसिल करते हुए साफ कहा कि अगर किसी ने खरीद में पैसा नहीं लगाया है, तो उस पर टैक्स की जिम्मेदारी भी नहीं बनती। कोर्ट ने माना कि महिला का नाम सिर्फ सुविधा के लिए प्रॉपर्टी डीड में जोड़ा गया था।

पति की जांच अभी जारी

जहां पत्नी का नोटिस कैंसिल हो गया, वहीं पति पर टैक्स विभाग की जांच अभी जारी है। अदालत ने कहा कि सभी पेमेंट पति ने ही अपने एचडीएफसी बैंक अकाउंट से किए थे। इसलिए अब विभाग उन्हीं से सवाल करेगा।

पहले भी हुआ है ऐसा

कोर्ट ने इस मामले में अपने ही पुराने फैसले का हवाला दिया। कल्पिता अरुण लांजेकर केस (2024) में भी ऐसा ही हुआ था, जहां गैर-योगदान करने वाले जॉइंट ओनर पर लगाया गया टैक्स नोटिस कैंसिल कर दिया गया था।

एक्सपर्ट्स की सलाह

टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप प्रॉपर्टी को जॉइंट नाम से खरीद रहे हैं तो डीड में साफ-साफ लिखें कि किसने कितना योगदान दिया। अगर पैसा गिफ्ट या लोन है तो उसे भी लिखित में दर्ज करें और इनकम टैक्स रिटर्न में वही हिस्सेदारी दिखाएं।

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