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Loan लेने की सोच रहे हैं? बस यह एक नियम आपको कर्ज के जाल में फंसने से बचा सकता है!

Loan: लोन लेते समय 40% का नियम याद रखना जरूरी है, जिसके अनुसार आपकी सभी EMI का कुल योग आपकी मासिक आय के 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। यह नियम आपको कर्ज के बोझ से बचाता है और सुनिश्चित करता है कि आपके पास घर के खर्चों और भविष्य के निवेश के लिए पर्याप्त पैसा बचा रहे।

MoneyControl Newsअपडेटेड May 04, 2026 पर 11:46 AM
Loan लेने की सोच रहे हैं? बस यह एक नियम आपको कर्ज के जाल में फंसने से बचा सकता है!

आज के दौर में घर खरीदना हो, कार लेनी हो या बच्चों की पढ़ाई, बैंक से लोन लेना बहुत आसान हो गया है। लेकिन जितनी आसानी से लोन मिलता है, उतनी ही मुश्किल तब होती है जब उसकी EMI (किस्त) आपकी जेब पर भारी पड़ने लगती है। अक्सर लोग अपनी आय देखे बिना बड़ा लोन ले लेते हैं और बाद में आर्थिक तंगी का शिकार हो जाते हैं। अगर आप भी लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का '40% वाला नियम' आपके बहुत काम आ सकता है।

क्या है यह 40% का सुनहरा नियम?

पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में एक बहुत ही सरल लेकिन प्रभावी नियम है EMI-to-Income Ratio। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपकी सभी ईएमआई (जैसे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन) का कुल योग आपकी कुल मासिक कमाई (Net Monthly Income) के 40 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी महीने की इनहैंड सैलरी 1 लाख रुपये है, तो आपकी सभी किस्तों का कुल खर्च 40,000 रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। बाकी के 60,000 रुपये आपके घर के खर्च, इमरजेंसी फंड और भविष्य के निवेश (जैसे SIP या इंश्योरेंस) के लिए बचने जरूरी हैं।

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