Market cues : निफ्टी के 26200 से ऊपर टिके रहने तक 26400–26500 की ओर रिबाउंड की संभावना कायम
Market cues : जब तक निफ्टी 26,200 से ऊपर बना रहता है,तब तक 26,400–26,500 ज़ोन की ओर रिबाउंड की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालाँकि, इस लेवल से नीचे निर्णायक गिरावट इंडेक्स को कंसोलिडेशन फेज में धकेल सकती है, जिसमें 26,000 एक अहम सपोर्ट के तौर पर उभरेगा
Trade Setup : बाज़ार में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला फियर गेज, इंडिया VIX 6.06 प्रतिशत बढ़कर 10.02 पर पहुंच गया,लगातार दूसरे सेशन में इसमें तेजी जारी रही और यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चढ़ गया
Market cues : पिछले सेशन में तेज़ तेज़ी के बाद 5 जनवरी को प्रॉफिट बुकिंग के कारण निफ्टी में लगभग 0.30 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, लगातार चौथे दिन हायर हाई-हायर लो फॉर्मेशन जारी रहा और इंडेक्स 26,200 के आसपास ट्रेंडलाइन सपोर्ट के ऊपर बना रहा, जो पहले रेजिस्टेंस लाइन के रूप में काम कर रहा था और बाद में सपोर्ट बन गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी पॉजिटिव बने रहे। जब तक इंडेक्स 26,200 के ऊपर बना रहता है, तब तक 26,400-26,500 ज़ोन की ओर वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि इस लेवल से नीचे जाने पर इंडेक्स कंसोलिडेशन फेज में जा सकता है, जिसमें 26,000 एक अहम सपोर्ट के रूप में उभरेगा। यह सपोर्ट टूटने पर मंदड़िए एक्टिव हो सकते हैं।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 26,216, 26,177 और 26,115
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस :26,340, 26,379 और 26,441
डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने माइनर अपर और लोअर शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो वोलैटिलिटी के बीच बिकवाली के दबाव का संकेत देती है। हालांकि, हायर टॉप-हायर बॉटम स्ट्रक्चर बरकरार रहा और इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा, जिसमें शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर ट्रेंड कर रहे थे। MACD ने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और हिस्टोग्राम और ऊपर चढ़ा। RSI (58.79) और स्टोकेस्टिक RSI (86.96) थोड़े नीचे आए लेकिन अपनी-अपनी सिग्नल लाइनों से ऊपर बने रहे, जो यह संकेत देता है कि शॉर्ट टर्म की मामूली कमजोरी के बावजूद कुल मिलाकर मोमेंटम पॉजिटिव बना हुआ है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रजिस्टेंस :60,334, 60,471 और 60,691
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट : 59,893, 59,757 और 59,536
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित रजिस्टेंस : 60,496, 60,980
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 59,776, 59,571
प्रॉफिट बुकिंग के कारण बैंक निफ्टी भी नीचे ट्रेड हुआ और 0.2 प्रतिशत गिर गया। लेकिन बुल्स अभी भी मज़बूत स्थिति में बने रहे क्योंकि इंडेक्स अपर बोलिंगर बैंड और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा, जो पहले रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने के बाद अब सपोर्ट बन गई है। MACD बुलिश बना रहा, हिस्टोग्राम और ऊपर चढ़ा। RSI रेफरेंस लाइन से काफी ऊपर रहा, हालांकि यह थोड़ा गिरकर 65.05 पर आ गया। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बैंक निफ्टी के लिए बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, जिसमें नज़दीकी समय में कंसोलिडेशन का जोखिम बहुत कम है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
बाज़ार में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला फियर गेज, इंडिया VIX 6.06 प्रतिशत बढ़कर 10.02 पर पहुंच गया,लगातार दूसरे सेशन में इसमें तेजी जारी रही और यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चढ़ गया, जो बुल के लिए कुछ सावधानी का संकेत है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने कहा कि जब तक VIX 12 के लेवल से नीचे रहता है, तब तक बुल को कोई बड़ा खतरा नहीं है।
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 5 जनवरी को पिछले सेशन के 1.46 के मुकाबले तेज़ी से गिरकर 1.00 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नही
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