डिजिटल पेमेंट के दौर में UPI (Unified Payments Interface) सबसे आसान और लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। रोजाना लाखों लोग किराया, स्कूल फीस, टिकट बुकिंग और शॉपिंग जैसी जरूरी पेमेंट्स UPI से करते हैं। लेकिन कई बार बड़े ट्रांजैक्शन के समय ऐप पर अचानक मैसेज आता है “Limit Exceeded”। यही वह पल होता है जब लोग समझते हैं कि UPI पर भी एक दैनिक सीमा (Daily Limit) तय है।
ज्यादातर बैंकों में सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए UPI की सीमा ₹1 लाख प्रति दिन होती है। यह सीमा हर 24 घंटे में रीसेट हो जाती है। लेकिन यह लिमिट केवल ऐप पर निर्भर नहीं करती, बल्कि तीन चीजों पर आधारित होती है NPCI के नियम, आपके बैंक की आंतरिक सीमा और कभी-कभी ऐप-लेवल कंट्रोल।
कुछ खास कैटेगरी जैसे IPO आवेदन, टैक्स पेमेंट, स्कूल या अस्पताल की फीस और सरकारी ट्रांजैक्शन में यह सीमा ₹2 लाख, ₹5 लाख या उससे भी अधिक हो सकती है। हालांकि, यह तभी संभव है जब आपका बैंक उस ट्रांजैक्शन के लिए उच्च सीमा को सक्षम करता है।
अगर आपने हाल ही में नया बैंक अकाउंट UPI से जोड़ा है, फोन बदला है या पहली बार UPI एक्टिवेट किया है, तो बैंक सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से कम सीमा तय कर सकता है। अधूरी KYC भी आपकी लिमिट को कम कर सकती है। ध्यान रहे लिमिट आपके बैंक अकाउंट से जुड़ी होती है, न कि ऐप से। यानी Google Pay, PhonePe और Paytm पर एक ही अकाउंट इस्तेमाल करने से लिमिट नहीं बढ़ती।
- सबसे पहले अपने बैंक से संपर्क करें और वर्तमान UPI सीमा की जानकारी लें।
- अगर KYC अधूरी है, तो उसे पूरा करें।
- देखें कि आपका भुगतान किसी उच्च-सीमा कैटेगरी में आता है या नहीं।
- अगर बैंक लिमिट नहीं बढ़ाता, तो विकल्प हैं । पेमेंट को दो दिनों में बांटें, दूसरा बैंक अकाउंट इस्तेमाल करें या बड़े ट्रांजैक्शन के लिए Net Banking/RTGS का सहारा लें।
UPI बेहद सुविधाजनक है, लेकिन यह हर बड़े ट्रांजैक्शन का विकल्प नहीं है। सही जानकारी और बैंक से समन्वय करके आप अपनी लिमिट बढ़ा सकते हैं और डिजिटल पेमेंट्स को और आसान बना सकते हैं।