ट्रस्ट म्यूचुअल फंड ने लॉन्च की मिडकैप इक्विटी स्कीम, जानिए इसकी सभी जरूरी बातें

यह स्कीम मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से टॉप 101 से 250 कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगी। इसका बेंचमार्क निफ्टी मिडकैप 150 टीआरआई होगा। एंफी के डेटा के मुताबिक, मिडकैप कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन दिसंबर 2025 में 34,800 से 1,04,500 करोड़ रुपये के बीच थी

अपडेटेड Feb 27, 2026 पर 10:03 PM
Story continues below Advertisement
यह न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) निवेश के लिए 27 फरवरी से खुल गया है। यह 13 मार्च को बंद हो जाएगा।

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड ने मिडकैप इक्विटी स्कीम लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसका नाम ट्रस्टएमएफ मिडकैप फंड है। यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है। यह मुख्य रूप से मिडकैप कंपनियो के शेयरों में निवेश करेगी। यह न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) निवेश के लिए 27 फरवरी से खुल गया है। यह 13 मार्च को बंद हो जाएगा।

टॉप 101 से 250 कंपनियो के शेयरों में निवेश

यह स्कीम मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से टॉप 101 से 250 कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगी। इसका बेंचमार्क निफ्टी मिडकैप 150 टीआरआई होगा। एंफी के डेटा के मुताबिक, मिडकैप कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन दिसंबर 2025 में 34,800 से 1,04,500 करोड़ रुपये के बीच थी।


15 साल की अवधि में शानदार प्रदर्शन

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड ने कहा है कि मिडकैप कंपनियों में कई सेगमेंट लीडर्स हैं। इनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, रिटले और कंजम्प्शन शामिल हैं। 15 साल की अवधि में निफ्टी मिडकैप 150 टीआरआई का प्रदर्शन निफ्टी 100 टीआरआई के मुकाबले बेहतर रहा है। इसका प्रदर्शन निफ्टी स्मॉलकैप 250 टीआरआई से भी अच्छा रहा है।

मिडकैप शेयरों की वैल्यूएशन घटी है

अगर किसी इनवेस्टर ने मिडकैप्स में 20 साल पहले 10,000 रुपये का निवेश किया होता तो आज यह पैसा बढ़कर 2.38 लाख रुपये हो गया होता। हालांकि, फंड हाउस ने कहा है कि किसी म्यूचुअल फंड स्कीम के पिछले प्रदर्शन के आधार पर भविष्य में उसके प्रदर्शन का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। यह फंड ऐसे वक्त लॉन्च हुआ है, जब मिडकैप कंपनियों की वैल्यूएशंस में काफी कमी आई है। अपने ऑलटाइम हाई से ये स्टॉक्स काफी गिर गए हैं।

मिडकैप शेयरों में निवेश में ज्यादा रिस्क

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर संदीप बागला ने कहा कि यह फंड ग्रोथ आधारित इनलवेस्टमेंट एप्रोच का इस्तेमाल करेगा। इसमें फंडामेंटल एनालिसिस और वैल्यूएशन डिसिप्लीन शामिल होंगे। यह फंड ऐसे इनवेस्टर्स के लिए जो ज्यादा रिस्क बर्दाश्त कर सकते हैं और लंबी अवधि में निवेश से बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडकैपव स्टॉक्स में लार्जकैप के मुकाबले ज्यादा तेजी और गिरावट आती है।

यह भी पढ़ें: Mutual Fund: म्यूचुअल फंड निवेश करते वक्त इन 5 जोखिमों से रहें सतर्क, ऐसे करें मैनेजमेंट

फाइनेंशियल एडवाजर्स की राय जरूर लें

बाजार में पहले से कई मिडकैप स्कीम मौजूद हैं। निवेशक उनके प्रदर्शन के आधार पर रिटर्न का अंदाजा लगा सकते हैं। निवेशकों को इस एनएफओ में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर्स की राय लेनी चाहिए। अगर किसी इनवेस्टमेंट के पोर्टफोलियो में मिडकैस स्कीम शामिल नहीं है तो वह इस एनएफओ में निवेश के बारे में सोच सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।