Aadhaar Card Update: आधार अपडेट पर UIDAI का बड़ा नियम, जानिए नाम और पता कितने बार बदला जा सकता है?

Aadhaar Card Update: UIDAI ने आधार कार्ड अपडेट नियमों को सख्त कर दिया है। इन नियमों में आधार कार्ड अपडेट से जुड़े नाम, पता और जन्मतिथि शामिल हैं।

अपडेटेड Mar 05, 2026 पर 3:10 PM
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भारत में आधार कार्ड हर नागरिक की पहचान का सबसे अहम दस्तावेज है। बैंकिंग, स्कूल एडमिशन, सरकारी योजनाओं और रोजमर्रा की कई सेवाओं में इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन अक्सर लोगों के आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या जेंडर से जुड़ी गलतियां सामने आती हैं। इन्हें सुधारने के लिए UIDAI ने नियम बनाए हैं, ताकि आधार डेटा सुरक्षित और विश्वसनीय बना रहे।

नाम बदलाव की सीमाएं

UIDAI के अनुसार, आधार कार्ड पर नाम केवल दो बार ही बदला जा सकता है। इसमें शादी के बाद सरनेम जोड़ना या स्पेलिंग की मामूली त्रुटि सुधारना शामिल है। अगर आपको तीसरी बार बदलाव चाहिए, तो क्षेत्रीय UIDAI कार्यालय से विशेष अनुमति लेनी पड़ती है। अपडेट के लिए गजट नोटिफिकेशन या पहचान प्रमाण जैसे PAN कार्ड, पासपोर्ट जरूरी हैं। ऑनलाइन myAadhaar पोर्टल या नजदीकी आधार केंद्र पर ₹50 शुल्क देकर यह किया जा सकता है।

जन्मतिथि और लिंग पर सख्त एकबारगी नियम

जन्मतिथि (DOB) और लिंग में बदलाव जीवनकाल में सिर्फ एक बार ही संभव है। अगर आधार पर गलत DOB दर्ज है, तो जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट या स्कूल सर्टिफिकेट जैसे वैध दस्तावेज दिखाकर एकमात्र संशोधन कराया जा सकता है। दूसरी बार की मांग सामान्यतः अस्वीकार हो जाती है, जब तक असाधारण परिस्थितियां साबित न हों। इसी तरह, लिंग परिवर्तन के लिए चिकित्सकीय प्रमाणपत्र या गजट नोटिफिकेशन चाहिए। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए यह राहत है, लेकिन सीमा के कारण सावधानी बरतनी पड़ती है।


पता अपडेट में कोई पाबंदी नहीं

सुखद बात यह है कि पता अनलिमिटेड बार बदला जा सकता है। किराए के मकान या नौकरी बदलने पर यह आसान है। बैंक पासबुक, वोटर ID या बिजली बिल जैसे प्रमाण देकर मुफ्त या मामूली शुल्क पर अपडेट होता है। मोबाइल नंबर बदलने के लिए भी आधार केंद्र जाना पड़ता है।

हालांकि राहत की बात यह है कि पता और मोबाइल नंबर कई बार बदले जा सकते हैं। लोग अक्सर नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से जगह बदलते रहते हैं, इसलिए UIDAI ने इस बदलाव को लचीला रखा है। इन नियमों के पीछे UIDAI का मकसद आधार को और सुरक्षित बनाना है। बार-बार बदलाव करने से फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी की आशंका बढ़ जाती है। सीमित बदलाव से यह सुनिश्चित होता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और आधार की विश्वसनीयता बनी रहे।

ये नियम 2019 से लागू हैं और 2026 तक वही बने हुए हैं। नागरिकों को सलाह है कि विवरण सत्यापित कर पहले ही सुधार लें। गलतियां सुधारने का मौका सीमित है, इसलिए सावधानी बरतें।

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