आधार कार्ड हर भारतीय के लिए एक जरुरी डाक्युमेंट होता है। आधार कार्ड का इस्तेमाल छोटे कामों से लेकर बड़े कामों तक हर जगह किया जाता है। इसकी सुरक्षा के लिए यूआईडीएआई आए दिन कोई ना कोई अपडेट शेयर करता रहता है। हाल ही में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया और अपडेटेड आधार ऐप पेश किया है। इसमें यूआईडीएआई ने कई ऐसे फीचर्स जोड़े हैं, जिनसे बार-बार फिजिकल डॉक्यूमेंट के साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस नए ऐप के लॉन्च के बाद UIDAI ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट के जरिए डेटा सुरक्षा को लेकर एक अहम सलाह भी जारी की है। आधार से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखने और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए UIDAI ने यूजर्स को कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।
आधार कार्ड जरुरी डाक्युमेंट
आपका आधार कार्ड कई जरूरी सेवाओं तक पहुंच का मुख्य जरिया होता है। अगर यह जानकारी गलत हाथों में चली जाए, तो आपके बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत डेटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, पैसों से जुड़े घोटाले और पहचान की चोरी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए आधार से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इनके बारे में
यूआईडीएआई यूजर्स को सलाह दी है कि आधार से जुड़ा ओटीपी कभी भी किसी के साथ शेयर न करें। ओटीपी आपकी सुरक्षा की सबसे अहम कड़ी होती है। इसके बिना कोई भी व्यक्ति आपके अकाउंट या आपकी पर्सनल जानकारी तक पहुंच नहीं बना सकता। इसलिए अपनी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए ओटीपी को हमेशा गोपनीय रखें।
2: "मास्क्ड आधार" का इस्तेमाल करें
होटल में चेक-इन, सिम कार्ड लेने या किसी और पहचान से जुड़ी सेवा के लिए मास्क्ड आधार का उपयोग करना बेहतर होता है। मास्क्ड आधार में आपके आधार नंबर के शुरुआती आठ अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक ही दिखाई देते हैं। इससे आपका पूरा 12 अंकों का आधार नंबर किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था के सामने नहीं जाता और आपकी जानकारी ज्यादा सुरक्षित रहती है।
3: ऑनलाइन डिटेल्स शेयर करने से बचें
सोशल मीडिया या किसी भी सार्वजनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने आधार कार्ड की फोटो या जानकारी कभी शेयर न करें। इंटरनेट पर ऐसी चीजें डालने से धोखेबाजों के लिए आपकी निजी जानकारी तक पहुंच बनाना आसान हो जाता है। अपनी सुरक्षा के लिए आधार से जुड़ी जानकारी को हमेशा निजी रखें।
4: बायोमेट्रिक लॉकिंग चालू करें
आधार की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आप ऑफिशियल आधार ऐप या वेबसाइट से बायोमेट्रिक लॉक चालू कर सकते हैं। इस सुविधा को ऑन करने के बाद कोई भी व्यक्ति आपके फिंगरप्रिंट, आंखों की स्कैन या चेहरे की पहचान का इस्तेमाल आधार वैरिफिकेशन के लिए नहीं कर पाएगा। जब तक आप खुद इसे अनलॉक नहीं करते, तब तक आपका बायोमेट्रिक डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
5: आधिकारिक हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें
अगर आपको लगता है कि आपकी आधार से जुड़ी जानकारी के साथ कोई गड़बड़ी हुई है या आप किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर शिकायत करने से नुकसान को रोका जा सकता है और आपकी जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930
यूआईडीएआई हेल्पलाइन: 1947