क्या आप जानते हैं कि इंडिया में ऐसा बहुत बड़ा अमाउंट (Unclaimed Deposit) है, जिसका कोई दावेदार नहीं है? यह पैसा अरबों में हैं। यह पैसा बैंकों और वित्तीय संस्थानों में पड़ा हुआ है। इस पैसे को उन लोगों का इंतजार है, जिनका इस पर हक है। अक्सर लोग अपने पुराने बैंक अकाउंट्स, निवेश, शेयर और डिविडेंड को भूल जाते हैं। इसकी कई वजहें हो सकती हैं। 10 साल के बाद यह पैसा अनक्लेम्ड डिपॉजिट बन जाता है। ऐसा ज्यादातर निवेशक की मौत की वजह से होता है। उसके परिवार के सदस्यों को या तो इस निवेश की जानकारी नहीं होती है। कुछ मामलों में व्यक्ति के पैसों पर हक को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच लड़ाई शुरू हो जाती है, जिसका लंबे समय तक कोई समाधान नहीं निकलता है।
