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Union Budget 2026: नई रीजीम का अट्रैक्शन बढ़ाने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने सहित ये ऐलान कर सकती है सरकार

अभी नई रीजीम में टैक्सपेयर्स सिर्फ स्टैंडर्ड डिडक्शन और एनपीएस में एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन पर डिडक्शन क्लेम कर सकते है। एचआरए, टर्म लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत इसमें नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ जरूरी डिडक्शन की इजाजत देने से नई रीजीम का अट्रैक्शन और बढ़ जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 17, 2026 पर 12:17 PM
Union Budget 2026: नई रीजीम का अट्रैक्शन बढ़ाने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने सहित ये ऐलान कर सकती है सरकार
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने नई रीजीम का ऐलान यूनियन बजट 2020 में किया था।

इनकम टैक्स की नई रीजीम ने करीब छह साल का सफर तय किया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे यूनियन बजट 2020 में पेश किया था। शुरुआत में इसमें टैक्सपेयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। लेकिन, अब ज्यादा इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स नई रीजीम में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सरकार ने इसे अट्रैक्टिव बनाने की लगातार कोशिश की है। सवाल है कि यूनियन बजट 2026 में इसे और अट्रैक्टिव बनाने के लिए क्या ऐलान हो सकते हैं?

टैक्सपेयर्स अभी भी कर रहे ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल

सरकार के इनकम टैक्स के नियमों को आसान और डिडक्शन-फ्री बनाने की कोशिश के बावजूद इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। सीनियर सिटीजंस को हेल्थकेयर, इंश्योरेंस और इंटरेस्ट वाली इनकम पर काफी डिडक्शन मिलता है, जिससे उनकी दिलचस्पी ओल्ड रीजीम में है। नई रीजीम की सबसे बड़ी कमी यह है कि इसमें सामान्य डिडक्शन तक उपलब्द नहीं हैं।

नई रीजीम में ज्यादातर डिडक्शन की इजाजत नहीं

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