साल 2025 अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और इसी के साथ भारत में पैसों के लेन-देन का तरीका भी तेजी से बदल गया है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI अब सिर्फ कैश की जगह ही नहीं बना रहा, बल्कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के तरीके भी बुनियादी तौर पर बदल रहा है। नए दौर में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि क्या UPI की वजह से डेबिट कार्ड पूरी तरह अस्तित्व खो देंगे।
