UPI का बड़ा रिकॉर्ड! अक्टूबर में हर दिन हुआ ₹100000 करोड़ से अधिक लेन-देन

UPI Transaction Record: पिछले महीने यूपीआई के जरिए पेमेंट का बड़ा रिकॉर्ड बना है। अक्टूबर महीने में सबसे अधिक लेन-देन हुए तो साथ ही पहली बार हर दिन औसतन ₹1 लाख से अधिक का ट्रांजैक्शन हुआ तो पूरे महीने भर के लेन-देन का भी रिकॉर्ड बना। यह रिकॉर्ड ऐसे समय में बना, जब MDR लागू करने की तैयारी चल रही है। डिटेल्स में पढ़ें

अपडेटेड Nov 01, 2026 पर 11:42 AM
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UPI Transaction Record: पिछले महीने अक्टूबर में यूपीआई पर कुल 2547 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए यानी कि हर दिन औसतन करीब 82.1 करोड़ लेन-देन।

UPI Transaction Record: देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। पिछले महीने अक्टूबर में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए हर दिन होने वाले ट्रांजैक्शन की औसतन वैल्यू पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंच गई। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में यूपीआई के जरिए कुल ₹31.53 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ। यह किसी एक महीने में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले सितंबर 2026 में औसतन डेली ट्रांजैक्शन वैल्यू करीब ₹98,000 करोड़ रही थी। पूरे महीने के कुल लेनदेन का पिछला रिकॉर्ड मई 2026 में बना था, जब UPI के जरिए ₹29.9 लाख करोड़ का लेन-देनु हुआ था। इस बार पहली बार मासिक ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹30 लाख करोड़ के पार चली गई

अक्टूबर में 2547 करोड़ ट्रांजैक्शन

पिछले महीने अक्टूबर में यूपीआई पर कुल 2547 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए यानी कि हर दिन औसतन करीब 82.1 करोड़ लेन-देन। इससे पहले हर दिन के औसतन ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड सितंबर में था जब यह 80.2 करोड़ पर था। वहीं मासिक ट्रांजैक्शन का पिछला हाई लेवल अगस्त 2026 में करीब 2450 करोड़ का था। इसे त्योहारी सीजन के दौरान खरीदारी और कंज्यूमर स्पेंडिंग बढ़ने से भी सपोर्ट मिला तो अक्टूबर में 31 दिन होने का भी असर रहा। आमतौर पर 31 दिनों वाले महीनों में कुल ट्रांजैक्शन की संख्या अधिक रहती है। बता दें कि देश में यूपीआई को एनपीसीआई संभालती है और देश के कुल डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन में इसकी लगभग 89% हिस्सेदारी है।


दिवाली तक टल चुकी है यूपीआई पर MDR चार्जेज

यूपीआई का यह रिकॉर्ड लेन-देन ऐसे समय में आया है, जब डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की तैयारी चल रही है। NPCI ने पिछले महीने MDR शुल्क लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया था। इससे पहले सितंबर में एनपीसीआई ने ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 पर्सेंटेज यानी 40 बेसिस पॉइंट एमडीआर तय किया था। इस दर से ₹10,000 के भुगतान पर व्यापारी को ₹40 शुल्क देना पड़ सकता है। एमडीआर को डिजिटल पेमेंट प्रोसे करने के लिए दुकानदारों से लिया जाएगा। इससे बैंकों और पेमेंट कंपनियों को करीब ₹15,000 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने का अनुमान है।

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