US Attacks Iran: खतरनाक मोड़ पर खड़ा है पूरा मध्यपूर्व, सोना और चांदी के निवेशकों को क्या करना चाहिए?

28 फरवरी को पहले इजरायल ने ईरान पर हमला किया। उसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। इससे स्थिति गंभीर हो गई है। पूरा मिडिलईस्ट एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है। हमेशा की तरह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान का वजूद मिटाने की धमकी दी है

अपडेटेड Feb 28, 2026 पर 6:17 PM
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अगर लड़ाई लंबी चलती है तो फिर क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।

आखिर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया। ईरान ने बगैर देर किए जवाबी हमले किए। उसने मिसाइल से इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाया। उसने आधा दर्जन उन देशों पर भी हमला किया, जहां अमेरिकी सैन्य बेस मौजूद हैं। बताया जाता है कि यह पिछले साल जून में ईरान-इजरायल के बीच 12 दिन चली लड़ाई से ज्यादा बड़ी लड़ाई साबित हो सकती है। इसका अप्रत्यक्ष रूप से भारत पर भी पड़ेगा असर पड़ेगा। यह असर किस तरह पड़ेगा मनीकंट्रोल ने यह जानने की कोशिश की।

नेतन्याहू ने दी ईरान का वजूद खत्म करने की धमकी

28 फरवरी को पहले इजरायल ने ईरान पर हमला किया। उसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। इससे स्थिति गंभीर हो गई है। पूरा मिडिलईस्ट एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है। हमेशा की तरह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान का वजूद मिटाने की धमकी दी है। सूत्रों का कहना है कि अमेरिका की मदद से इजरायल के इस हमले की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। पहले तो अमेरिका ने परमाणु समझौते के लिए ईरान को बातचीत से राजी करने की कोशिश की। कोशिश कामयाब नहीं होने पर उसने सैन्य कार्रवाई से ईरान को झुकाने की कोशिश की है।


दुनिया में क्रूड की 40% सप्लाई मिडिलईस्ट से होती है

आरमनी के डायरेक्टर तरुण सत्संगी ने कहा कि इस बार ईरान ने कतर, कुवैत, यूएई और बहरीन जैसे देशों को भी निशाना बनाया है, जहां अमेरिकी सैन्य बेस हैं। इसका असर फाइनेंशियल मार्केट पर पड़ना तय है। कमोडिटीज खासकर सोने और चांदी की कीमतों पर भी इसका असर दिखेगा। क्रूड की कीमतों में आग लग सकती है। दुनिया में 40 फीसदी की क्रूड की सप्लाई मिडिल ईस्ट से होती है। इस लड़ाई का असर क्रूड की सप्लाई पर पड़ना तय है। इससे क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच सकती हैं। क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। अगर लड़ाई लंबी चलती है तो फिर यह 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।

चांदी की कीमतें 115 डॉलर तक जा सकती हैं

सत्संगी का कहना है कि न सिर्फ क्रूड बल्कि सोने और चांदी में भी बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। सोना पहले 5,400 डॉलर प्रति औंस तक बढ़ेगा। चांदी भी पहले 100 डॉलर प्रति औंस तक जाएगी। उसके बाद यह 110-115 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। भारत के लिए क्रूड की कीमतें सबसे अहम है। इसकी वजह यह है कि भारत क्रूड की अपनी करीब 80 फीसदी जरूरत आयात से पूरा करता है। ऐसे में एमसीएक्स में क्रूड का भाव 7,000-7,5000 रुपये तक जा सकता है। अगर रुपये में गिरावट जारी रहती है तो इससे भी बुलियन की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।

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निवेशकों को क्या करना चाहिए?

सोने और चांदी में उन निवेशकों को एग्जिट का मौका मिल सकता है, जो तेज गिरावट के बाद इनमें फंस गए थे। हालांकि, लड़ाई लंबी चली तो सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी रह सकती है। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि सोने और चांदी की कीमतें कहां तक जा सकती हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि सोने और चांदी खासकर सोने के फंडामेंटल्स पहले से मौजूद हैं। ऐसे में सोने को सपोर्ट मिलना तय है। दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने सोने में निवेश जारी रखा है। इससे सोने के लिए शॉर्ट टर्म में अच्छी संभावना दिखती है।

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