United India Co-operative Bank: भारतीय रिजर्व बैंक अक्सर ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने उत्तर प्रदेश के एक बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। ये उत्तर प्रदेश का सहकारी बैंक है। आरबीआई ने उत्तर प्रदेश के नगीना के बिजनौर के यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है।
यूपी के बिजनौर के United India Co-operative बैंक का लाइसेंस हुआ कैंसिल
RBI ने उत्तर प्रदेश के नगीना के बिजनोर के यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड कैंसिल कर दिया है। आरबीआई ने इसके लिए को-ऑपरेटिव कमिश्नर और रजिस्ट्रार को बैंक क बंद करने के लिए कहा है। साथ ही एक लिक्विडेटर आरबीआई की तरफ से अपॉइंट करने का ऑर्डर दिया है।
यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक नहीं कर पाएगा पब्लिक डीलिंग का काम
यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक का बैंकिंग कारोबार कल बुधवार से बंद हो गया है। बैंक को पैस जमा करने और कैश देने की इजाजत नहीं है। आरबीआई ने बताया कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की कैपेसिटी नहीं है। बैंक धारा 22(3) (A), 22(3) B, 22 (3) C, 22 (3) (D) और 22 (3) (E) की आवश्यकताओं का पालन करने में फेल रही है जिसके कारण ये फैसला लिया गया है।
ग्राहक निकाल सकते हैं सिर्फ 50,000 रुपये
आरबीआई के मुताबिक बैंक को उसके जमाकर्ताओं और ग्राहकों के हितों के लिए हानिकारक बताया गया था। बैंक के बारे में कहा गया है कि बैंक अपनी आज की फाइनेंशियल स्थिति के हिसाब से जमाकर्ताओं को पूरा पैसा देने में असमर्थ है। हर एक जमाकर्ता नियमों के अधीन डिपॉजिट और क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DIGCS) से 5,00,000 रुपये तक की पैसा ले सकेगा।