दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने बच्चों को हनीमून के बजाए क्यों भेज दिया सौराष्ट्र, इस कहानी में छुपी है उनकी इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी

दिग्गज निवेशक विजय केडिया की इन्वेस्टमेंट जर्नी शानदार रही है। उन्होंने अपने बच्चों को उनकी शादी के तीन महीने बाद हनीमून के लिए स्विट्जरलैंड के बजाय गुजरात में सौराष्ट्र भेज दिया। इसकी वजह जानकर आप विजय केडिया की इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी को समझ सकते हैं। जानिए आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया

अपडेटेड Feb 06, 2023 पर 8:24 PM
दिग्गज निवेशक विजय केडिया की इन्वेस्टमेंट जर्नी शानदार रही है।

आमतौर पर एक अनुभवी स्टॉक मार्केट निवेशक से यह उम्मीद की जाती है कि वह ज्यादा से ज्यादा रिटर्न जनरेट करने के लिए अपनी पोर्टफोलियो कंपनियों के बारे में लगातार स्टडी और रिसर्च करे। लेकिन अनुभवी निवेशक विजय केडिया ने कुछ ऐसा किया है जो कि दिलचस्प है। इस कहानी से उनकी इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी को भी समझा जा सकता है। उन्होंने अपने बच्चों को उनकी शादी के तीन महीने बाद स्विट्जरलैंड के बजाय गुजरात में सौराष्ट्र भेज दिया। CNBC-TV18 को दिए गए इंटरव्यू में केडिया ने अपने इनवेस्टमेंट फिलॉसफी के बारे में खुलकर बात की और बताया कि आखिर उन्होंने अपने बच्चे को शादी के बाद हनीमुन पर भेजने के बयाए गुजरात क्यों भेज दिया।

बच्चों को शादी के बाद सौराष्ट्र भेजने की क्या है वजह

इंटरव्यू में केडिया ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बच्चों को हनीमून के लिए सौराष्ट्र के राजकोट में अतुल ऑटो की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को देखने और निगरानी करने के लिए भेजा था। बता दें कि अपनी इन्वेस्टमेंट जर्नी की शुरुआती स्टेज के दौरान अतुल ऑटो केडिया के सबसे बड़े दांवों में से एक था। 2004-05 में केडिया के पास थ्री-व्हीलर बनाने वाली कंपनी के कुल बकाया शेयरों का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा था। उन्होंने कहा, "उसकी (केडिया के बेटे) शादी के तीन-चार महीने बाद ही मैंने उसे फैसिलिटी में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए राजकोट भेज दिया।"


कैसी रही केडिया की इन्वेस्टमेंट जर्नी

केडिया ने अतुल ऑटो में अपनी निवेश की जर्नी के बारे में बताया, "2004-2005 में मैंने उस कंपनी का लगभग 10 फीसदी शेयर खरीदा था और 2007 तक स्टॉक 4-5 गुना बढ़ गया था। लेकिन 2008 के लेहमैन संकट में यह 5 रुपये तक गिर गया। 70 रुपये से बढ़कर यह 200-225 रुपये तक पहुंच गया और फिर वापस गिरकर 5 रुपये पर आ गया। मैंने फिर से कंपनी का 10 फीसदी शेयर खरीदा। वहां से यह 2014-2015 तक 1,500-1,600 रुपये हो गया।" केडिया के पास अभी भी अतुल ऑटो में 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी या 3,21,512 शेयर हैं, जिनकी कीमत 11.0 करोड़ रुपये है।

कम खर्चों के साथ जीना सीख लिया है: केडिया

केडिया का कहना है कि उन्होंने कम से कम खर्चों के साथ जीना सीख लिया है, इसलिए उनके पास जो भी अतिरिक्त नकदी थी, उसे उन्होंने निवेश के लिए इस्तेमाल किया। केडिया ने अपने दादा की मदद से 14 साल की उम्र में मॉक ट्रेडिंग करना शुरू कर दिया था। उनके पिता कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज के सदस्य थे। और 19 साल की उम्र में आधिकारिक तौर पर कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज में शामिल हो गए।

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