Aadhar Card: आजकल आधार कार्ड हर जगह जरूरी हो गया है। मोबाइल सिम लेना हो, बैंक में खाता खोलना हो या फिर होटल में चेक-इन करते समय भी आधार की जरूरत होती है। लेकिन इसी जरूरत का फायदा स्कैमर्स उठाने लगे हैं। वे किसी बहाने या ऐप के जरिए लोगों का आधार नंबर चुराकर उसका गलत इस्तेमाल कर लेते हैं। ज्यादातर लोग तो ये भी नहीं जानते कि उनका आधार किन-किन ऐप्स या मोबाइल नंबरों से लिंक है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने आधार कार्ड को अनचाहे प्लेटफॉर्म्स से डीलिंक करें ताकि आपकी पर्सनल जानकारी गलत हाथों में न जाए।
आधार क्यों डीलिंक करना जरूरी है?
अगर आपने कई जगह अपने आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन किया है, तो ये खतरा बना रहता है कि कोई उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। कई ऐप्स या वेबसाइट आपके नाम और नंबर का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे आपको आर्थिक और मानसिक नुकसान हो सकता है। इसलिए जहां भी जरूरत न हो, वहां से अपना आधार डीलिंक कर देना सबसे बेस्ट ऑप्शन है।
मास्क्ड आधार और वर्चुअल आईडी का करें इस्तेमाल
असली आधार नंबर शेयर करने के बजाय मास्क्ड आधार कार्ड या वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल करें। UIDAI की वेबसाइट से आप मास्क्ड आधार डाउनलोड कर सकते हैं, जिसमें सिर्फ आखिरी 4 अंक दिखते हैं। होटल या सामान्य KYC के लिए ये एक सुरक्षित ऑप्शन है। इससे आपकी पूरी जानकारी किसी के पास नहीं जाएगी और फ्रॉड का खतरा भी घटेगा।
मोबाइल नंबर से आधार हटाना होगा आसान
अब मोबाइल सिम लेने के लिए आधार जरूरी नहीं है। अगर आपका आधार पहले से सिम से लिंक है, तो आप अपने टेलिकॉम ऑपरेटर के पास जाकर रिक्वेस्ट कर सकते हैं कि वे रिकॉर्ड से आधार हटा दें। इसके लिए आप पैन कार्ड या वोटर आईडी दिखाकर पहचान दे सकते हैं। ये एक आसान तरीका है जिससे कोई भी आपके मोबाइल नंबर के जरिए आधार की जानकारी नहीं निकाल पाएगा।
UIDAI की वेबसाइट से जानें आधार का कहां-कहां हुआ इस्तेमाल
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपने अब तक किन-किन जगहों पर आधार यूज किया है, तो UIDAI की वेबसाइट पर जाकर आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री का ऑप्शन चुनें। यहां लॉग इन करने के बाद आप देख सकते हैं कि कब-कब और कहां-कहां आपके आधार से वेरिफिकेशन हुआ। इससे आपको पता चल जाएगा कि कोई ऐप या वेबसाइट बिना आपकी जानकारी के आपके डेटा का इस्तेमाल तो नहीं कर रही।
अगर आपको लगे कि किसी ऐप या वेबसाइट को आपने कभी आधार नहीं दिया, लेकिन वहां रिकॉर्ड में यह दिख रहा है, तो तुरंत उस ऐप को डिलीट करें और अपने आधार को वहां से हटाने की कोशिश करें। साथ ही UIDAI की हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।