शुभम ने वजीरएक्स प्लेटफॉर्म के जरिए बिटकॉइन, एथर और मैटिक जैसे कई क्रिप्टो में निवेश किया है। एक साल में क्रिप्टो में 100 फीसदी से ज्यादा तेजी के बाद उन्होंने प्रॉफिट बुक करने का सोचा, क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी में बहुत जल्द तेजी और गिरावट आती है। खासकर मिडिलईस्ट में बढ़ते टेंशन को देख वह रिस्क नहीं लेना चाहते थे। लेकिन, शुभम जैसे लाखों इंडियन इनवेस्टर्स हैं जो क्रिप्टो में मुनाफा बुक करना चाहते हैं। लेकिन, वे कर नहीं पा रहे। वजीरएक्स के हैकिंग का शिकार होने के बाद से क्रिप्टो में ट्रेडिंग पर रोक लगी है।
वजीरएक्स प्लेटफॉर्म पर 18 जुलाई को हुआ था साइबर हमला
WazirX पर 18 जुलाई को साइबर हमला हुआ। इस हमले में इसके इथेरियम वॉलैट से 23 करोड़ डॉलर की चोरी की गई। इसके बाद वजीरएक्स ने अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग पर रोक लगा दी। इनवेस्टर्स मुनाफा भी बुक नहीं कर सकते। उसने चोरी के पैसे रिकवर कराने में मदद करने वाले को 2.3 करोड़ डॉलर का इनाम देने का भी ऐलान किया। साइबर हमले के बाद इस प्लेटफॉर्म के एसेट्स के साथ 1:1 के हिसाब से कौलेटर बनाए रखने की क्षमता पर भी असर पड़ा है। हालांकि, इनवेस्टर्स इस प्लेटफॉर्म पर इंडियन करेंसी रुपये में अपने थोड़े पैसे निकाल सकते हैं।
वजीरएक्स निवेशकों के पैसे लौटाने की कोशिश कर रहा है
वजीरएक्स प्लेटफॉर्म को चलाने वाली कंपनी Zettai ने सिंगापुर में एक मोरेटोरियम अप्लिकेशन फाइल किया है। जेटाई सिंगापुर की कंपनी है। इंडिया में बनाई गई कंपनी Zanmai ने 2023 में इंडिया में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) में वजीरएक्स प्लेटफॉर्म को रजिस्टर्ड कराया था। वजीरएक्स ने साइबर हमले में हुई चोरी की भरपाई के लिए एक प्लान बनाया है। इसमें लॉस का कुछ हिस्सा क्रिप्टो पोर्टफोलियो यूजर्स पर भी डालने का प्रस्ताव है। इंडिया और सिंगापुर में अथॉरिटीज साइबर हमले की जांच कर रही हैं। इस बीच, वजीरएक्स इनवेस्टर्स के पैसे लौटाने के तरीके तलाश रहा है।
यूजर्स को क्रिप्टो की कीमतों में वृद्धि का फायदा मिल सकता है
वजीरएक्स के मुताबिक, वह क्रिप्टो यूजर्स को टोकन एसेट्स लौटान के तरीके पर काम कर रहा है। इसमें क्रिप्टो के मार्केट प्राइस में होने वाली वृद्धि का फायदा यूजर्स को देने का प्लान शामिल है। इस बारे में मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब में वजीरएक्स ने कहा है कि चार महीने के कोर्ट के मोरेटोरियम पीरियड में वजीरएक्स कोर्ट में शपथपत्र के जरिए वैलेट के एड्रेसेज का खुलासा करेगा। इस बीच, एक्सपर्ट्स का कहना है कि वजीरएक्स प्लेटफॉर्म को हैक करने वालों ने चोरी के 23 करोड़ डॉलर के पैसे को कॉइन मिक्सर प्लेटफॉर्म Tornado Cash के जरिए ठिकाने लगाने का काम पूरा कर लिया है।
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निवेशकों के पास क्या कानूनी विकल्प है?
सवाल है कि क्रिप्टो के इंडियन इनवेस्टर्स के लिए क्या विकल्प है? क्रिप्टो को इंडिया में कानूनी हैसियत हासिल नहीं है। इसका मतलब है कि यह किसी रेगुलेटर के तहत नहीं आता है। आरबीआई कई बार इस डिजिटल एसेट्स पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत बता चुका है। इंडिया में क्रिप्टो को लेकर किसी तरह का कानूनी फ्रेमवर्क नहीं होने के बावजूद इनवेस्टर्स के पास कुछ कानूनी रास्ते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फ्रॉड या चोरी की स्थिति में इनवेस्टर्स प्लेटफॉर्म के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के हिसाब से इंडिया में कोर्ट में मामला फाइल कर सकते हैं।