प्री-सैंक्शंड क्रेडिट लाइन क्या है, UPI के जरिए आप कैसे उठा सकते हैं फायदा ?

आप UPI के जरिए बैंक की क्रेडिट लाइन सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। सबसे पहले आपको बैंक से एक क्रेडिट लाइन सैंक्शन करानी होगी। आपके अप्लिकेशन देने के बाद बैंक वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करेगा। यह ठीक ट्रेडिशनल लोन के प्रोसेस के जैसा है

अपडेटेड Apr 07, 2023 पर 5:46 PM
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RBI गवर्नर ने UPI के जरिए क्रेडिट लाइन फैसिलिटी पर किसी तरह की फीस के बारे में नहीं बताया।

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 6 अप्रैल को एक अहम ऐलान किया। उन्होंने कहा कि UPI के यूजर्स अब बैंक के प्री-सैंक्शंड क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस ऐलान की बहुत चर्चा है। लोग इसका अलग-अलग तरह से मतलब निकाल रहे हैं। उनके मन में कई सवाल हैं। जैसे-क्या कोई यूजर UPI के जरिए बैंक से लोन ले सकता है? क्या क्रेडिट लाइन और लोन एक ही चीज है? क्या UPI से लोन फैसिलिटी के लिए क्रेडिट कार्ड जरूरी नहीं है? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं। हम यह भी जानेंगे कि RBI के इस ऐलान से आपको क्या फायदा होगा।

ग्राहकों को उपलब्ध होगा नया प्रोडक्ट

शक्तिकांत दास ने कहा कि UPI की पहुंच लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले RuPay Credit Cards को यूपीआई से लिंसक करने का ऐलान किया गया था। अब यूपीआई के जरिए बैंकों को प्री-सैंक्शंड क्रेडिट लाइन देने की इजाजत दी जा रही है। इससे इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।


क्रेडिट लाइन क्या है?

सबसे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि क्रेडिट लाइन क्या है। यह एक कर्ज लेने का एक रास्ता है, जिसमें कोई ग्राहक बैंक से अपनी सुविधा के हिसाब से कर्ज ले सकता है। कर्ज की लिमिट पहले से तय होती है। अगर आप यह क्रेडिट लाइन चाहते हैं तो आपको बैंक में अप्लाई करना होगा। ट्रेडिशन लोन के मुकाबले क्रेडिट लाइन लोन लेने का ज्यादा लचीला रास्ता है। हालांकि, क्रेडिट लाइन में इंटरेस्ट रेट ज्यादा होता है।

इस सुविधा का कैसे लाभ उठा सकते हैं?

अगर आप UPI के जरिए बैंक की क्रेडिट लाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको बैंक से एक क्रेडिट लाइन सैंक्शन करानी होगी। आपके अप्लिकेशन देने के बाद बैंक वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करेगा। यह ठीक ट्रेडिशनल लोन के प्रोसेस के जैसा है। इसमें ग्राहक की इनकम, क्रेडिट स्कोर, कर्ज लेने की हिस्ट्री आदि पर बैंक गौर करता है। उसके बाद वह ग्राहक की क्रेडिट लिमिट तय करता है।

फीस के बारे में तस्वीर साफ नहीं

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मार्च 2023 में एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 1 अप्रैल से UPI के जरिए होने वाले मर्चेंट ट्रांजेक्शन के लिए एक इंटरचेंच फीस देनी होगी। इंटरचेंज फीस का मतलब उस फीस से है जो UPI ट्रांजेक्शन को प्रोसेस करने के लिए बैंकों को चुकाया जाता है। लेकिन, RBI गवर्नर ने UPI के जरिए क्रेडिट लाइन फैसिलिटी पर किसी तरह की फीस के बारे में नहीं बताया।

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