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क्यों अमीर भी महसूस करते हैं पैसों की कमी, वजह पैसा नहीं, सही एनर्जी न होना है कारण, जानिये कैसे

अक्सर लोग सोचते हैं कि उनके पास पैसे की कमी है.. जबकि हकीकत में यह पैसों की नहीं, बल्कि एनर्जी की कमी होती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट और फाइनेंस एजुकेटर ने कही ये बात..

Translated By: Sheetalअपडेटेड Nov 08, 2025 पर 2:35 PM
क्यों अमीर भी महसूस करते हैं पैसों की कमी, वजह पैसा नहीं, सही एनर्जी न होना है कारण, जानिये कैसे
अक्सर लोग सोचते हैं कि उनके पास पैसे की कमी है.. जबकि हकीकत में यह पैसों की नहीं, बल्कि एनर्जी की कमी होती है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि उनके पास पैसे की कमी है.. जबकि हकीकत में यह पैसों की नहीं, बल्कि एनर्जी की कमी होती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट और फाइनेंस एजुकेटर CA नितिन कौशिक ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर इसी बात को लेकर एक पोस्ट की जिसपर काफी चर्चा हो रही हैउन्होंने लिखा कि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उन्हें पैसों की समस्या है, जबकि असल में यह मानसिक एनर्जी की समस्या हैपैसा पहले खत्म नहीं होता, एनर्जी पहले खत्म होती है।

थकान से शुरू होता है बेवजह खर्च

कौशिक का मानना है कि इमोशनल थकान लोगों को ऐसे फैसले लेने पर मजबूर करती है, जो वे सामान्य हालत में नहीं लेते। जब कोई व्यक्ति मानसिक रूप से थका होता है, तो वह अपनी थकान या तनाव दूर करने के लिए बिना सोचे-समझे पैसे खर्च कर देता है। जैसे ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना, टैक्सी बुक करना या ऐसी चीजें खरीदना जिनकी जरूरत नहीं होती।

वह कहते हैं कि यह बात 200 रुपये की कॉफी या 350 रुपये की डिलीवरी चार्ज की नहीं है, बल्कि उस थकान की है जो आपको हर बार स्वाइप करने पर मजबूर करती है। उनके मुताबिक यह अनुशासन की कमी नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति (Willpower) की कमी का नतीजा है, जो थकान से कमजोर पड़ जाती है।

खर्च के पीछे छिपा है इमोशन

CA नितिन कौशिक कहते हैं कि बेवजह खर्च करने की असली वजह इमोशन्स होते हैं। ये बजट की वजह से नहीं होता है। उन्होंने सलाह दी कि लोग सिर्फ खर्च का हिसाब न रखें, बल्कि यह भी लिखें कि खर्च करने से पहले उनका मूड कैसा था।

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