SIP Investment: शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव जारी है। इसके बावजूद रिटेल निवेशक SIP के जरिए लगातार निवेश कर रहे हैं। AMFI के ताजा आंकड़े भी यही तस्वीर दिखाते हैं। बाजार में गिरावट के दौरान भी SIP का फ्लो मजबूत बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह अब सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि निवेशकों की आदत बन चुका है।
मार्केट टाइमिंग नहीं, लंबी अवधि पर फोकस
Motilal Oswal Asset Management Company के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी का कहना है कि अब लोग SIP को लंबी अवधि की बचत का जरिया मान रहे हैं। पहले की तरह सिर्फ शॉर्ट टर्म रिटर्न के लिए निवेश नहीं किया जा रहा।
उन्होंने बताया कि भारत में घरेलू संपत्ति का सिर्फ 6% हिस्सा इक्विटी में निवेश है। अमेरिका में यह आंकड़ा करीब 48% है। इसका मतलब है कि भारत में इक्विटी निवेश बढ़ने की अभी काफी गुंजाइश है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सेक्टरों में वैल्यूएशन ऊंचे हैं। लेकिन पूरे बाजार में ओवरवैल्यूएशन जैसी स्थिति नहीं दिख रही।
स्मॉलकैप और थीमैटिक फंड में क्यों आ रहा पैसा?
पिछले कुछ वर्षों में स्मॉलकैप और थीमैटिक फंड में निवेश लगातार बढ़ा है। वैल्यूएशन की चिंता के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
अखिल चतुर्वेदी का कहना है कि निवेशक इन फंड्स के जरिए तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं। उनका मानना है कि वैल्यूएशन का आकलन पूरी कैटेगरी के बजाय हर शेयर और सेक्टर के आधार पर करना चाहिए।
छोटे शहरों से बढ़ रहे नए निवेशक
टियर-2 और टियर-3 शहरों से नए निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर युवा निवेशक बाजार से जुड़े प्रोडक्ट्स को तेजी से अपना रहे हैं।
अखिल चतुर्वेदी का कहना है कि SIP अब सिर्फ तेजी वाले बाजार का निवेश नहीं रह गया है। यह धीरे-धीरे लंबी अवधि में संपत्ति बनाने की आदत बनता जा रहा है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।