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Emergency Fund Tips: क्या इमरजेंसी फंड को अलग बैंक अकाउंट में रखना सही है? जानिए सही तरीका और 5 बड़े फायदे

Emergency Fund Savings Tips: क्या आपका इमरजेंसी फंड भी राशन, शॉपिंग और बिल वाले रेगुलर अकाउंट में ही पड़ा है? तो अनजाने में ही सही, यह पैसा धीरे-धीरे खत्म हो सकता है! जानिए SEBI और विशेषज्ञों के अनुसार इमरजेंसी फंड को अलग अकाउंट में रखने के क्या फायदे हैं, 50-50 का स्मार्ट फॉर्मूला क्या है और ₹5 लाख तक के बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस का कैसे उठाएं फायदा!

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 17, 2026 पर 12:17 PM
Emergency Fund Tips: क्या इमरजेंसी फंड को अलग बैंक अकाउंट में रखना सही है? जानिए सही तरीका और 5 बड़े फायदे
अलग अकाउंट होने से आपको पता रहता है कि आपका बैकअप फंड कितना सुरक्षित है

Emergency Fund: जीवन में कोई संकट कभी भी बताकर नहीं आता। नौकरी का अचानक जाना, मेडिकल इमरजेंसी, घर या गाड़ी की अचानक मरम्मत या परिवार में कोई अचानक आई जिम्मेदारी आपके बजट पर भारी दबाव डाल सकती है। ऐसे समय के लिए बनाया गया 'इमरजेंसी फंड' आपको फाइनेंशियल संकट से बचाता है।

लेकिन क्या आप अपना इमरजेंसी फंड उसी बैंक अकाउंट में रखते हैं, जिससे आप राशन, ऑनलाइन शॉपिंग, बिजली के बिल और वीकेंड का खर्च चलाते हैं? अगर हां, तो अनजाने में ही सही, आपका यह फंड धीरे-धीरे खत्म हो सकता है। आइए आपको बताते हैं कि इमरजेंसी फंड को दैनिक खर्च वाले अकाउंट से अलग रखना क्यों जरूरी है और इसे मैनेज करने का सबसे बेहतर तरीका क्या है।

क्यों जरूरी है अलग बैंक अकाउंट?

जब आपका इमरजेंसी फंड आपके रोजमर्रा के सेविंग्स अकाउंट में ही पड़ा रहता है, तो आपके दिमाग में यह भ्रम रहता है कि आपके पास खर्च करने के लिए बहुत पैसे हैं। उदाहरण के लिए, अकाउंट में पड़ा ₹1 लाख का बैलेंस आपको कोई नया स्मार्टफोन खरीदने, छुट्टी पर जाने या सेल में गैर-जरूरी शॉपिंग करने के लिए उकसा सकता है।

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