Gold Fall: MCX पर कोहराम, दो हफ्ते के हाई से फिसला सोना, ये है वजह

MCX पर सोने-चांदी की चमक आज फीकी पड़ी। हाल ही में दो हफ्ते के हाई पर पहुंचने के बाद गोल्ड आज टूट गया तो चांदी भी नरम पड़ी। जानिए इसके भाव में गिरावट क्यों आई और अब इसके भाव क्या हैं और इसके लिए अगला अहम ट्रिगर क्या है

अपडेटेड Jul 23, 2026 पर 1:14 PM
Gold-Silver Price Fall: सोने-चांदी की कीमतों में आज के गिरावट की मुख्य वजह बुधवार को जोरदार तेजी के बाद आई मुनाफावसूली है।

Gold Price: एक कारोबारी दिन पहले तेज रिकवरी के बाद आज गुरुवार 23 जून को सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ी। कच्चे तेल के भाव में उछाल और जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बीच ब्याज दरों के आउटलुक को लेकर निवेशकों ने फिर से वैल्यूएशन किया और मुनाफावसूली की जिससे इनकी चमक फीकी पड़ी। एमसीएक्स (MCX) पर 5 अगस्त 2026 को एक्सपायर होने वाला गोल्ड फ्यूचर्स 0.44% फिसलकर प्रति 10 ग्राम ₹1.45 लाख पर आ गया तो 4 सितंबर 2026 को एक्सपायर होने वाला सिल्वर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 0.50% गिरकर ₹2.25 लाख पर आ गया। इससे पहले AISA (ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन) के मुताबिक 22 जुलाई को घरेलू स्पॉट मार्केट में गोल्ड के भाव प्रति 10 ग्राम ₹1900 उछलकर दो हफ्ते के हाई ₹1.49 लाख और चांदी ₹8500 मजबूत होकर प्रति किलो ₹2.30 लाख पर पहुंच गया।

इस कारण टूटा सोना-चांदी

सोने-चांदी की कीमतों में आज के गिरावट की मुख्य वजह बुधवार को जोरदार तेजी के बाद आई मुनाफावसूली है। वैश्विक स्तर पर भी गोल्ड के भाव हाई लेवल से नीचे आ गए क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगले हफ्ते होने वाली बैठक से पहले ट्रेडर्स सतर्क रुझान अपना रहे हैं। पश्चिमी एशिया में फिर से बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के फैसले पर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर फिलहाल इस बात पर है कि क्या ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।


आमतौर पर ऊंची ब्याज दरों से सोने पर दबाव पड़ता है, क्योंकि ब्याज देने वाले एसेट्स की तुलना में गोल्ड से कोई रेगुलर इनकम नहीं होती है। गिरावट के बावजूद वैश्विक अनिश्चितता से गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है और निवेशक सेफ हेवन एसेट के तौर पर गोल्ड में पैसे डाल सकते हैं। गोल्ड के साथ-साथ चांदी को भी फायदा मिला है लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड की वजह से इसमें अधिक उतार-चढ़ाव दिखा।

अब Fed की बैठक है अगला ट्रिगर

निवेशकों की नजर अब अगले हफ्ते होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर है। मार्केट को इस बात की उम्मीद है कि अमेरिकी फेड दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन आने वाले समय में इसे लेकर क्या रुझान रहता है, इसके संकेतों पर निवेशकों की नजर रहेगी। फेड का गाइडेंस बुलियन या गोल्ड-सिल्वर मार्केट के लिए अहम रहेगा क्योंकि दरों में कटौती या और सख्ती की उम्मीदें डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर असर डाल सकती हैं।

एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट) जतिन त्रिवेदी का कहना है कि सोने की कीमतों को गिरावट में फिर से खरीदारी में दिलचस्पी, रुपये की कमजोरी और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच सेफ-हेवन की मांग से सपोर्ट मिला है। उनका कहना है कि फिलहाल सोने-चांदी के लिए 29 जुलाई को आने वाला अमेरिकी फेड का नीतिगत फैसला अहम है। जतिन को उम्मीद है कि आने वाले समय में एमसीएक्स गोल्ड के भाव प्रति 10 ग्राम ₹1.42-₹1.46 लाख के रेंज में रहेगी।

चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट (टेक्निकल रिसर्च) Aamir Makda का कहना है कि COMEX गोल्ड हाल ही में प्रति औंस $4,166 के लेवल पर था जिससे यह नीचे आ चुका है क्योंकि तेल महंगा हुआ है और ट्रेडर्स का ध्यान फेड मीटिंग की तरफ चला गया है।

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