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ITR Filing: HRA क्लेम करने वालों के लिए बड़ा अपडेट! ITR फॉर्म में 'दूसरा एड्रेस' नहीं दिया तो फंस सकता है रिफंड, जानें नया नियम

New ITR Forms Secondary Address Requirement: इस नए बदलाव ने उन सैलरीड कर्मचारियों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है जो अपने होमटाउन से दूर किसी दूसरे शहर में किराये के मकान में रहते हैं और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम करते हैं। समझिए टैक्स डिपार्टमेंट ने यह नियम क्यों लागू किया है और इसका आपके HRA क्लेम पर क्या असर पड़ सकता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 07, 2026 पर 10:58 AM
ITR Filing: HRA क्लेम करने वालों के लिए बड़ा अपडेट! ITR फॉर्म में 'दूसरा एड्रेस' नहीं दिया तो फंस सकता है रिफंड, जानें नया नियम
यह नियम सीधे तौर पर सिर्फ HRA के लिए नहीं है, लेकिन इसके जरिए टैक्स विभाग के लिए HRA क्लेम की जांच करना काफी आसान हो जाएगा

New ITR Forms Secondary Address Rule: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक बेहद जरूरी अपडेट आया है। आयकर विभाग ने इस साल के नए आईटीआर फॉर्म्स में एक नया कॉलम जोड़ दिया है, जिसमें टैक्सपेयर्स से उनके मुख्य पते के साथ-साथ एक 'दूसरा पता' भी मांगा जा रहा है।

इस नए बदलाव ने उन सैलरीड कर्मचारियों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है जो अपने होमटाउन से दूर किसी दूसरे शहर में किराये के मकान में रहते हैं और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम करते हैं। आइए समझते हैं कि टैक्स डिपार्टमेंट ने यह नियम क्यों लागू किया है और इसका आपके HRA क्लेम पर क्या असर पड़ सकता है।

क्यों जरूरी हुआ ITR फॉर्म में 'सेकेंडरी एड्रेस'?

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दो एड्रेस मांगने के पीछे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का मकसद टैक्सपेयर्स के कम्युनिकेशन रिकॉर्ड को दुरुस्त करना और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाना है।

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