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विरासत में मिली गोल्ड ज्वैलरी, आर्ट, स्टॉक्स या क्रिप्टो पर देना होगा टैक्स? जानिये इंडिया में क्या है नियम

भारत में अगर किसी को गहने, जमीन, शेयर, आर्टवर्क या क्रिप्टोकरेंसी विरासत में मिलती है, तो उस समय इनकम टैक्स नहीं लगता। लेकिन आगे चलकर इन संपत्तियों को संभालना, रिपोर्ट करना और बेचते समय टैक्स देना जरूरी होता है

Edited By: Sheetalअपडेटेड Feb 25, 2026 पर 6:00 PM
विरासत में मिली गोल्ड ज्वैलरी, आर्ट, स्टॉक्स या क्रिप्टो पर देना होगा टैक्स? जानिये इंडिया में क्या है नियम
भारत में अगर किसी को गहने, जमीन, शेयर, आर्टवर्क या क्रिप्टोकरेंसी विरासत में मिलती है, तो उस समय इनकम टैक्स नहीं लगता।

भारत में अगर किसी को गहने, जमीन, शेयर, आर्टवर्क या क्रिप्टोकरेंसी विरासत में मिलती है, तो उस समय इनकम टैक्स नहीं लगता। लेकिन आगे चलकर इन संपत्तियों को संभालना, रिपोर्ट करना और बेचते समय टैक्स देना जरूरी होता है। कई परिवार इन नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं।

कब लगता है टैक्स?

टैक्स एक्सपर्ट के अनुसार, विरासत में मिली संपत्ति लेते समय टैक्स नहीं लगता। लेकिन जब उस संपत्ति को बेचा जाता है, तब कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है। जिस व्यक्ति को संपत्ति मिलती है, उसे पुराने मालिक की खरीद कीमत और होल्डिंग पीरियड माना जाता है। इसी आधार पर तय होता है कि लाभ लॉन्ग टर्म है या शॉर्ट टर्म।

लॉन्ग टर्म गेन पर आमतौर पर 12.5% टैक्स लगता है। शॉर्ट टर्म गेन पर सामान्य आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। अगर लॉन्ग टर्म गेन से मिली रकम को घर खरीदने 10 करोड़ रुपये तक या सरकारी बॉन्ड 50 लाख रुपये तक में निवेश किया जाए तो छूट मिल सकती है। लेकिन क्रिप्टो जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) पर 30% टैक्स लगता है। इसमें किसी तरह की छूट नहीं मिलती।

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