Get App

5 साल से पहले PF निकाला तो लग सकता है टैक्स, जानिए EPFO के नियम

EPFO: नौकरी बदलने या बेरोजगार होने पर कई कर्मचारी अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा निकाल लेते हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि 5 साल की लगातार सर्विस पूरी होने से पहले PF निकालने पर टैक्स और TDS यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स लग सकता है

Edited By: Sheetalअपडेटेड Jun 10, 2026 पर 12:53 PM
5 साल से पहले PF निकाला तो लग सकता है टैक्स, जानिए EPFO के नियम
EPFO: नौकरी बदलने या बेरोजगार होने पर कई कर्मचारी अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा निकाल लेते हैं।

EPFO: नौकरी बदलने या बेरोजगार होने पर कई कर्मचारी अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा निकाल लेते हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि 5 साल की लगातार सर्विस पूरी होने से पहले PF निकालने पर टैक्स और TDS यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स लग सकता है। ऐसे में PF निकालने से पहले इसके नियमों को समझना जरूरी है। इनकम टैक्स कानून और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, PF निकासी पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह से कर्मचारी के लगातार सर्विस पीरियड पर निर्भर करता है।

5 साल का नियम क्यों है महत्वपूर्ण?

इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 10(12) के तहत यदि कोई कर्मचारी कम से कम 5 साल की लगातार सर्विस पूरी करने के बाद PF का पैसा निकालता है, तो उसे पूरी तरह टैक्स छूट मिलती है। इस स्थिति में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान और उस पर मिला ब्याज—तीनों टैक्स फ्री रहते हैं। लगातार सर्विस का मतलब केवल एक ही कंपनी में काम करना नहीं है। यदि कर्मचारी नौकरी बदलता है और पुराने PF खाते का बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर कर देता है, तो पुरानी नौकरी के पीरियड भी इसमें जुड़ जाता है। यानी नौकरी बदलने के बावजूद PF ट्रांसफर करते रहने पर 5 साल की शर्त पूरी मानी जा सकती है।

कब टैक्स के दायरे में आ जाता है PF?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें