म्यूचुअल फंड्स पर आया महिला निवेशकों का दिल, पिछले तीन साल में 27 लाख महिला निवेशकों ने शुरू किया इनवेस्टमेंट

खास बात यह है कि म्यूचुअल फंड्स की स्कीमों में महिला निवेशकों की ज्यादा दिलचस्पी कोरोना की महामारी के दौरान बढ़ी है। सिर्फ बड़े शहरों की महिला निवेशक ही एमएफ स्कीमों में दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। छोटे शहरों की महिला निवेशकों की संख्या में भी उछाल देखने को मिला है

अपडेटेड Apr 14, 2023 पर 9:50 AM
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एसेट के लिहाज से देखा जाए तो महिलाओं ने म्यूचुअल फंड्स के रेगुलर प्लान में 6.13 लाख करोड़ रुपये इनवेस्ट किए हैं। डायरेक्ट प्लान में उनका निवेश 1.42 लाख करोड़ रुपये है।

महिला निवेशकों की दिलचस्पी म्यूचुअल फंड्स में बढ़ रही है। दिसंबर 2022 के अंत में म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाली महिला निवेशकों की संख्या 74.49 लाख पहुंच गई। दिसंबर 2019 के अंत में यह 46.99 लाख थी। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के डेटा से यह जानकारी मिली है। PAN/PEKRN (PAN exempted KYC Reference Number) के आधार पर यूनिक इनवेस्टर्स की संख्या तीन गुनी से ज्यादा हो गई है। मार्च 2017 के अंत में यह 1.20 करोड़ थी। मार्च 2023 के अंत में यह बढ़कर 3.77 करोड़ पहुंच गई। यूनिक इनवेस्टर्स की संख्या में बड़ा उछाल कोरोना की महामारी के बाद देखने को मिला है। मार्च 2020 के आखिर में यह संख्या 2.08 करोड़ थी, जो मार्च 2023 में बढ़कर 3.77 करोड़ हो गई।

45 साल और ज्यादा उम्र की महिलाओं की अधिक दिलचस्पी

AMFI के सीईओ एनएस वेंकटेश ने कहा कि पिछले साल स्टॉक मार्केट फ्लैट रहने के बावजूद करीब 40 लाख नए निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया। अगर उम्र के आधार पर देखा जाए तो कुल निवेशकों में से करीब 35 फीसदी की उम्र 45 साल और उससे ज्यादा है। पिछले 10 फाइनेंशियल ईयर में 18 से 24 साल के निवेशकों की हिस्सेदारी काफी बढ़ी है।


18 से 24 साल की महिला निवेशकों की संख्या में उछाल

एंफी के डेटा से पता चला है कि महिला निवेशकों में से ज्यादातर (28.45 लाख) की उम्र 45 साल और उससे ज्यादा है। करीब 2.82 लाख महिला निवेशकों की उम्र 18 से 24 साल के बीच है। दिसंबर 2019 के बाद से 18-24 साल की महिला निवेशकों की संख्या चार गुनी से ज्यादा हो गई है। इससे पता चलता है कि महिलाओं में म्यूचुअल फंड्स को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है।

रेगुलर प्लान में कुल निवेश 6 लाख करोड़ से ज्यादा

एसेट के लिहाज से देखा जाए तो महिलाओं ने म्यूचुअल फंड्स के रेगुलर प्लान में 6.13 लाख करोड़ रुपये इनवेस्ट किए हैं। डायरेक्ट प्लान में उनका निवेश 1.42 लाख करोड़ रुपये है। एंफी के मुताबिक, कोरोना की महामारी के दौरान T30 और B30 शहरों में महिला निवेशकों की संख्या में उछाल देखने को मिला। T30 का मतलब देश के बड़े 30 शहरों से है। बी30 का मतलब टी30 के बाद आने वाले बड़े शहरों से है।

छोटे शहरों की महिलाओं में भी बढ़ी जागरुकता

टी30 शहरों में दिसंबर 2019 में महिला निवेशकों की संख्या 27.95 लाख थी। यह दिसंबर 2022 में बढ़कर 41.67 लाख हो गई। यह पिछले तीन साल में 13.73 लाख की वृद्धि है। अगर बी30 शहरों की बात करें तो 2019 में महिला निवेशकों की संख्या 19.05 लाख थी। यह दिसंबर 2022 में बढ़कर 32.83 लाख हो गई।

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