भारत में लाखों लोग कम क्रेडिट स्कोर की वजह से लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए दर-दर भटकते हैं। नौकरी छूटना, बीमारी या गलत खर्च की आदतें अक्सर स्कोर को नीचे गिरा देती हैं, जिससे बैंक एप्लीकेशन ठुकरा देते हैं। लेकिन उम्मीद की किरण है एफडी आधारित क्रेडिट कार्ड, जो आपकी जमा राशि को गिरवी रखकर क्रेडिट देता है।
एफडी कार्ड कैसे काम करता है?
सबसे पहले बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट खोलें, जो आपकी सिक्योरिटी बन जाता है। क्रेडिट लिमिट आमतौर पर एफडी का 80-90 फीसदी मिलता है। अगर बिल न चुकाएं तो बैंक एफडी से वसूली कर लेता है, इसलिए क्रेडिट स्कोर की चिंता कम होती है। यह आपके ही पैसे पर क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा देता है, बिना ज्यादा कागजी कार्रवाई के। कम आय वाले या नए यूजर्स के लिए यह आसान रास्ता है।
क्रेडिट स्कोर सुधारने का सुनहरा मौका
सावधानियां बरतें, फायदे उठाएं
ब्याज दरें ऊंची होती हैं, इसलिए बकाया न रखें वरना एफडी का फायदा बेकार हो सकता है। एफडी तोड़ने पर पेनल्टी लग सकती है, इसलिए लिक्विडिटी का ध्यान रखें। पहले टाइम यूजर्स, स्कोर सुधारने वालों या फाइनेंशियल रिकवरी चाहने वालों के लिए बेस्ट है। अच्छे स्कोर वाले इसे अवॉइड करें।
छोटे खरीदारी जैसे ग्रॉसरी या बिल पेमेंट से शुरू करें। ऐप से ट्रांजैक्शन मॉनिटर करें और बजट बना लें। 1 साल बाद सामान्य कार्ड के लिए अप्लाई करें। यह याद रखना जरूरी है कि यह ट्रेनिंग बेहतर क्रेडिट के लिए है।