कम से कम एक करोड़ रुपये एसेट के पोर्टफोलियो वाले ऐसे कई इनवेस्टर्स हैं, जिनकी उम्र 50 साल पूरे होने के बाद उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू बहुत गई। इससे पता चलता है कि ज्यादा वेल्थ बनाने के लिए लंबे समय तक इनवेस्टमेंट को बनाए रखना जरूरी है। वेल्थ क्रिएशन के प्रोसेस में 35 से 49 साल के बीच तेज उछाल देखने को मिलता है। इसके अलावा इनवेस्टर्स की उम्र बढ़ने पर उसके लिए निवेश में एकमुश्त एप्रोच अपनाना आसान हो जाता है। ये नतीजे एक सर्वे के हैं। यह सर्वे रिसर्च एंड रैंकिंग (Research and Ranking) ने किया है, जो SEBI में रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवायजरी फंड है। इस सर्वे में 2,000 लोगों ने हिस्सा लिया।
