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आप बन सकते हैं करोड़पति, जानिए निवेश में अनुशासन के अलावा आपको किन बातों का रखना होगा ध्यान

Research and Ranking के सर्वे से पता चला है कि करीब 50 फीसदी इनवेस्टर्स ने शेयर बाजार में चार साल से कम अपने निवेश को बनाए रखा। 12 फीसदी लोग ऐसे थे, जिन्होंने शेयर बाजार में एक साल से कम समय तक निवेश किया। इसका मतलब है कि हर दो में से एक निवेशक ने पूरी बिजनेस साइकिल को नहीं देखा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 09, 2023 पर 2:43 PM
आप बन सकते हैं करोड़पति, जानिए निवेश में अनुशासन के अलावा आपको किन बातों का रखना होगा ध्यान
सर्वे में शामिल करीब 57 फीसदी लोग शेयरों में एकमुश्त अमाउंट इनवेस्ट करना पसंद करते हैं। 43 फीसदी लोगों ने कहा कि वे इनवेस्टमेंट के लिए SIP का रास्ता अपनाते हैं जो निवेश करने का अनुशासित तरीका है।

कम से कम एक करोड़ रुपये एसेट के पोर्टफोलियो वाले ऐसे कई इनवेस्टर्स हैं, जिनकी उम्र 50 साल पूरे होने के बाद उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू बहुत गई। इससे पता चलता है कि ज्यादा वेल्थ बनाने के लिए लंबे समय तक इनवेस्टमेंट को बनाए रखना जरूरी है। वेल्थ क्रिएशन के प्रोसेस में 35 से 49 साल के बीच तेज उछाल देखने को मिलता है। इसके अलावा इनवेस्टर्स की उम्र बढ़ने पर उसके लिए निवेश में एकमुश्त एप्रोच अपनाना आसान हो जाता है। ये नतीजे एक सर्वे के हैं। यह सर्वे रिसर्च एंड रैंकिंग (Research and Ranking) ने किया है, जो SEBI में रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवायजरी फंड है। इस सर्वे में 2,000 लोगों ने हिस्सा लिया।

इस सर्वे में इंडियन इनवेस्टर्स के अनुभव के बारे में बताया गया है। सर्वे से पता चला है कि करीब 50 फीसदी इनवेस्टर्स ने शेयर बाजार में चार साल से कम अपने निवेश को बनाए रखा। 12 फीसदी लोग ऐसे थे, जिन्होंने शेयर बाजार में एक साल से कम समय तक निवेश किया। इसका मतलब है कि हर दो में से एक निवेशक ने पूरी बिजनेस साइकिल को नहीं देखा। बिजनेस साइकिल ऐसा वक्त है, जब बाजार में तेजी आती है। अक्सर इकोनॉमिक एक्टिविटी में मंदी के बाद यह समय आता है। इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि तेजी का यह समय करीब 5 से साढ़े पांच साल का होता है।

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रिसर्च एंड रैंकिंग के फाउंडर और डायरेक्टर मनीष गोयल ने कहा, "ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें पहली पीढी का इनवेस्टर्स कहा जा सकता है। इसके पीछे कई चीजों का हाथ है। इनमें डिस्काउंट ब्रोकरेजेज, टेक्नोलॉजी आधारित इनवेस्टिंग प्लेटफॉर्म्स, एफोर्डेबल हाई-स्पीड इंटरनेट, फाइनेंशियल एजुकेशन का प्रसार, बढ़ती इनकम और लोगों के बड़े होते सपने शामिल हैं।"

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