हर आदमी चाहता है कि निवेश किया गया उसका पैसा जल्द दोगुना, तीन गुना हो जाए। कुछ लोग तो अपना 1 लाख रुपये का निवेश 10 लाख हो जाने के सपने देखते हैं। लेकिन, सवाल है कि इसके इनवेस्टमेंट पर कितना रिटर्न जरूरी है? इसका जवाब एक चीज पर निभर करता है-समय। मान लीजिए आप अपना पैसा दोगुना करना चाहते हैं। अगर चाहते हैं कि आपका पैसा सिर्फ दो साल में दोगुना हो जाए तो सालाना 41 फीसदी रिटर्न जरूरी होगा।
वेल्थ क्रिएशन के लिए ज्यादा रिटर्न नहीं बल्कि ज्यादा समय जरूरी है
Investment पर सालाना 41 फीसदी रिटर्न मुमकिन नहीं है। अगर आपके पास धैर्य है और आप अपने इनवेस्टमेंट को 10 साल का समय दे सकते हैं तो पैसे के दोगुना होने के लिए सिर्फ 7.2 फीसदी सालाना रिटर्न जरूरी होगा। अगर 10 की जगह 20 साल का समय दिया जाए तो सालाना सिर्फ 3.5 फीसदी रिटर्न जरूरी होगा।
इनवेस्टमेंट को जितना ज्यादा समय दिया जाएगा वह उतना ज्यादा बढ़ेगा
इससे उदाहरण से एक बात साफ हो जाती है। आप अपने इनवेस्टमेंट को जितना ज्यादा समय देते हैं हर साल उतने कम रिटर्न की जरूरत होती है। यह कंपाउंडिंग का मैजिक है। इसमें पैसा पैसे से बढ़ता है। इसका मतलब है कि आप पैसे को बढ़ने के लिए जितना लंबा समय देंगे, यह उतना ज्यादा बढ़ेगा। इसलिए अगर आप अपने निवेश से बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो आपको लंबे समय तक निवेश को बनाए रखना होगा।
पीरियड ज्यादा होने पर कम रिटर्न से भी पैसा दोगुना-तीन गुना हो सकता है
मान लेते हैं कि आपने बड़ा लक्ष्य तय किया है। आप चाहते हैं कि आपका पैसा पांच गुना हो जाए। अगर इसके लिए आप तीन साल का समय देते हैं तो सालाना 71 फीसदी रिटर्न जरूरी होगा। बगैर रिस्क के इतना ज्यादा रिटर्न हासिल करना मुमकिन नहीं है। अगर निवेश का पीरियड 10 साल कर दिया जाता है तो सिर्फ 17.5 फीसदी का सालाना रिटर्न जरूरी होगा। अगर पीरियड 20 साल कर दिया जाए तो सिर्फ 8.5 फीसदी रिटर्न से आपका पैसा पांच गुना हो जाएगा।
एक लाख को 10 लाख रुपये भी बनाया जा सकता है
क्या आप एक लाख को 10 लाख रुपये बनाना चाहते हैं? अगर आप जल्दबाजी में नहीं है तो आप 20 साल के लिए इनवेस्ट कर सकते हैं। सिर्फ 12.2 सालाना रिटर्न से आपका पैसा 10 गुना हो जाएगा। ऐसा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या शेयरों में निवेश से किया जा सकता है। लेकिन, आपको निवेश में अनुशासन बनाए रखना होगा। आप चाहें तो 1 लाख रुपये को 20 लाख रुपये भी बना सकते है। यह नामुमकिन नहीं है। इसके लिए 20 साल के पीरियड में 16.2 फीसदी सालाना रिटर्न की जरूरत पड़ेगी।
इनवेस्टमेंट में रिटर्न से ज्यादा महत्व पीरियड का है
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि इनवेस्टमेंट में रिटर्न से ज्यादा महत्व पीरियड का है। आप हर साल मार्केट से ज्यादा रिटर्न नहीं हासिल कर सकते। आप हर समय किसी ऐसे स्टॉक की तलाश नहीं कर सकते जिसमें कई गुना रिटर्न देने की क्षमता है। आप सिर्फ जल्द इनवेस्टमेंट की शुरुआत कर सकते है। सिर्फ सालाना 10 फीसदी के रिटर्न से आपके इनवेस्टमेंट से बड़ा फंड तैयार हो सकता है।