Akshay Tritiya 2026: अप्रैल में अक्षय पुण्य जुटाने के लिए इस दिन करें पूजा-पाठ, जानें अक्षय तृतीया की तारीख, पूजा विधि और महत्व

Akshay Tritiya 2026: हिंदू कैलेंडर में कुछ तिथियों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इनमें से एक है अक्षय तृतीया की तिथि। माना जाता है कि इस दिन किए गए दान और सत्कर्मों का अक्षय फल प्राप्त होता है। आइए जानें अक्ष्य तृतीया की तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 10:20 PM
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अक्षय तृतीया के दिन किया गया कोई भी पुण्य कार्य 'अक्षय' फल देता है।

Akshay Tritiya 2026: हिंदू कैलेंडर के दूसरे महीने में अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। ये हिंदू कैलेंडर की उन खास तिथियों में से एक मानी जाती है, जिसमें पूरे दिन शुभ मुहूर्त माना जाता है। यानी इस तिथि पर आप बिना शुभ मुहूर्त का विचार किए कोई भी शुभ, मांगलिक या नया काम कर सकते हैं। इनमें से एक है वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, जिसे अक्षय तृतीया या आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन विवाह, मांगलिक कार्यों और सोना-चांदी, नई गाड़ी, नया घर खरीदने और गृह प्रवेश आदि के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। इस साल साल अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा।

अक्षय तृतीया तिथि

वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 19 अप्रैल, प्रातः 10:50 बजे से होगा और इसका समापन 20 अप्रैल, प्रातः 7:28 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी।

अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 से लेकर दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा।

सोना खरीदने के शुभ मुहूर्त


19 अप्रैल 2026 की सुबह 10:49 बजे से 20 अप्रैल 2026 की सुबह 05:51 बजे तक

20 अप्रैल 2026 की प्रात:काल 05:51 बजे से लेकर 07:27 बजे के बीच

अक्षय तृतीया के साथ शुभ चौघड़िया मुहूर्त

  • सुबह सोने की खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) : सुबह 10:49 से लेकर दोपहर 12:20 बजे तक
  • दोपहर सोने की खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त (शुभ) : 19 अप्रैल को दोपहर 01:58 से 03:35 बजे तक
  • शाम को सोने की खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) : 19 अप्रैल को शाम 06:49 से रात्रि 10:57 बजे तक
  • रात को सोने की खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त (लाभ) : 20 अप्रैल को पूर्वाह्न 01:43 से 03:05 बजे तक
  • उषाकाल में सोने की खरीददारी का शुभ मुहूर्त (शुभ) : 20 अप्रैल को सुबह 04:28 से 05:51 बजे तक
  • प्रात:काल में सोने की खरीददारी का शुभ मुहूर्त (अमृत) : 20 अप्रैल को सुबह 05:51 से 07:27 बजे तक

अक्षय तृतीया का महत्व

अक्षय तृतीया के दिन किया गया कोई भी पुण्य कार्य 'अक्षय' फल देता है। इस दिन व्यक्ति को दान, ध्यान, गंगा स्नान और पूजा-पाठ जैसे कार्यों में संलग्न होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से समृद्धि आती है। पुराणों में उल्लेख है कि अक्षय तृतीया के दिन ही गंगा मां स्वर्ग से मृत्युलोक में अवतरित हुई थीं। अक्षय तृतीया नए युग की शुरुआत का भी प्रतीक है। धार्मिक मान्यता है कि सत्युग, त्रेता और द्वापर युग की शुरुआत अक्षय तृतीया के दिन ही हुई थी।

अक्षय तृतीया पूजा विधि

  • अक्षय तृतीया के दिन सुबह स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल से पवित्र करें।
  • एक आसन पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। उस पर देवी लक्ष्मी तथा भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
  • हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर व्रत रखने का संकल्प लें।
  • मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमाओं पर रोली, चंदन का लेप, हल्दी और कुमकुम का तिलक लगाएं।
  • भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और देवी लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें और घी का दीपक प्रज्वलित करें।
  • भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को जौ या गेहूं का सत्तू, फल , मिठाइयां और भीगे हुए चने अर्पित करें।

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