Bhaumvati Amavasya 2026 Upay: आषाढ़ माह में बना भौमवती अमावस्या का संयोग, इस दिन पितरों के आशीर्वाद और केतु-मंगल की शांति के लिए करें ये 5 आसान उपाय

Bhaumvati Amavasya 2026 Upay: अमावस्या तिथि का हिंदू धर्म विशेष स्थान है। इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान और पितरों की आत्मा की शांति के श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि इस बार मंगलवार को पड़ रही है, इसलिए इसे भौमवती अमावस्या कहा जा रहा है

अपडेटेड Jul 11, 2026 पर 7:52 PM
आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि मंगलवार को पड़ रही है और भौमवती अमावस्या संयोग बन रहा है।

Bhaumvati Amavasya 2026 Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार, जब अमावस्या तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो उसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है। 'भौम' मंगल देव का ही एक नाम है। जुलाई 2026 में आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि मंगलवार को पड़ रही है, जिससे इस बार भौमवती अमावस्या का बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है। भौमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद पितरों के निमित्त काले तिल और जल से तर्पण, श्राद्ध या दान करने से पितृ दोष शांत होता है और पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और कुंडली में 'मंगल दोष' के बुरे प्रभाव कम होते हैं।

जुलाई 2026 में भौमवती अमावस्या कब है?

उदयातिथि के अनुसार, इस बार आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी।

अमावस्या तिथि प्रारंभ : 13 जुलाई 2026, सोमवार को शाम 06:49 बजे से

अमावस्या तिथि समाप्त : 14 जुलाई 2026, मंगलवार को दोपहर 03:12 बजे तक

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त : 14 जुलाई को सुबह 04:30 बजे से लेकर सुबह 10:43 बजे तक।


पितृ तर्पण का समय : अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 बजे से 12:49 बजे के बीच।

भौमवती अमावस्या के 5 ज्योतिष उपाय

भौमवती अमावस्या को हनुमान जी की पूजा में उनको बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। फिर उसे गरीबों में बांट दें। इस दिन गुड़ और चने की दाल वाली रोटी किसी लाल रंग की गाय को खिलाने से केतु और मंगल शांत होंगे।

भौमवती अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए स्नान के बाद जल से उनको तर्पण दें। तर्पण देते समय आप कहें कि हे पितृ देव! आप सभी को मैं जल से तृप्त कर रहा हूं, आप सभी तृप्त हों। इस उपाय से पितर प्रसन्न होंगे और आपको उन्नति का आशीर्वाद देंगे।

यदि आप धन संकट में फंसे हुए हैं, कोई कर्ज है, जो चुकता नहीं हो रहा है तो आप भौमवती अमावस्या के दिन ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें। इस उपाय को हर मंगलवार को कर सकते हैं।

भौमवती अमावस्या की शाम हनुमान जी के मंदिर जाएं। फिर चमेली के तेल से भरा दीपक जलाएं। चमेली के तेल में पीला सिंदूर मिलाकर चोला बनाएं और हनुमान जी को लगाएं। इस उपाय से भी मंगल और केतु के दोष दूर होते हैं।

भौमवती अमावस्या को सुबह में स्नान करने के बाद पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप सुंदरकांड का पाठ और हनुमान जी के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इस उपाय से आपकी कुंडली का मंगल दोष और केतु का अशुभ प्रभाव खत्म होगा।

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: आज कर रहे हैं योगिनी एकादशी का व्रत, जानें कब से कब तक रहेगा राहुकाल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।