Braj Holi 2026: भगवान श्री कृष्ण की भूमि के रूप में विख्यात ब्रज मंडल में होली का खुमार अब बढ़ रहा है। यहां इस मस्ती भरे और रंगीले पर्व का अलग और निराला रूप देखने को मिलता है। समूचे ब्रज मंडल में होली सिर्फ रंगों से नहीं खेली जाती है, यहां लड्डू और लट्ठ से भी होली खेलने की परंपरा है। यहां होली का पर्व भक्त और भगवान के बीच प्रेम का प्रदर्शन है। यहां कृष्ण की लीला और उनकी ठिठोली का अलग रूप दिखाई देता है।
बरसाना, नंदगांव, मथुरा, वृंदावन, गोकुल, महावन और बलदेव में होली के पर्व की जोरदार तैयारियां चल रही हैं। यहां होली सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के रूप में मनाई जाती है। मंदिर के रीति-रिवाजों से लेकर सामुदायिक समारोहों तक, ब्रज का हर शहर कई दिनों तक चलने वाले इन समारोहों में एक खास भूमिका निभाता है। देश-विदेश से पर्यटक और भक्त ब्रज की होली देखने दूर-दूर से आते हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए हैं।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कैलेंडर के अनुसार 24 फरवरी के दिन नंद गांव फाग आमंत्रण की परंपरा निभाई जाएगी और इसी दिन बरसाना में लड्डू मार होली भी खेली जाएगी। ब्रज में बसंत पंचमी से ही फागोत्सव प्रारंभ हो जाता है। सबसे पहले बरसाने से भगवान श्री कृष्ण को होली खेलने के लिए नंदगांव आमंत्रण जाता है।
इस बार ब्रज में होली के उत्सव निम्न प्रकार रहेंगे