Chaitra Navratri 2026 8th Day: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व अब अपने समापन के करीब पहुंच चुका है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू हुआ यह पर्व नवमी तिथि को समाप्त होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में हर दिन भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा करते हैं। आज चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप को समर्पित है। मां का यह रूप सौम्य, शांत और कल्याणकारी है। विधि विधान से मां के इस रूप की पूजा करने से भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। महागौरी की पूजा का दिन साधना, पवित्रता और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है। आइए जानें आज मां महागौरी की पूजा किस विधि से की जाएगी, मां का प्रिय भोग क्या है और कौन से मंत्र जाप करने से मां की कृपा प्राप्त होती है ?
मां महागौरी पूजा का शुभ मुहूर्त
पूजा का मुहूर्त : सुबह 6.50 - सुबह 8.21
शुभ-उत्तम मुहूर्त : सुबह 06:18 बजे से 07:50 बजे तक
लाभ-उन्नति मुहूर्त : दोपहर 12:27 बजे से 01:59 बजे तक
शोभन योग : प्रात:काल से लेकर देर रात 12:32 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग : शाम 04:19 बजे से शाम 06:17 बजे, मार्च 27
रवि योग : शाम 04:19 बजे से 06:17 बजे, मार्च 27
माता को चौकी पर स्थापित करने से पहले गंगाजल से स्थान को पवित्र करें। चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका यानी 16 देवियां, सप्त घृत मातृका यानी सात सिंदूर की बिंदी लगाकर स्थापना करें। माता की सप्तशती मंत्रों से पूजा करें। फूल माता महागौरी को रात की रानी के अधिक पसंद हैं, इसलिए इस दिन फूल से पूजा करनी चाहिए।
नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी को नारियल का भोग लगाना चाहिए। उन्हें नारियल का भोग बेहद प्रिय है। माता को सफेद रंग की वस्तुएं विशेष पसंद हैं, जो शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक हैं।
बीज मंत्र - “ॐ देवी महागौर्यै नमः॥”
ध्यान मंत्र - श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥”
स्तुति मंत्र - “सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते॥”
दुर्गा अष्टमी व्रत के फायदे