Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि, मां अंबे की पूजा में ये गलतियां करने से बचें और सही मुहूर्त में करें घटस्थापना

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च से शुरू हो रहा है। इसके पहले दिन कलश स्थपना की जाती है। इस साल घटस्थापना 19 मार्च को शुभ मुहूर्त में की जाएगी। आइए जानें मां दुर्गा की पूजा में क्या चीजें नहीं अर्पित करनी चाहिए और घटस्थापना का सही मुहूर्त क्या है

अपडेटेड Mar 17, 2026 पर 2:15 PM
Story continues below Advertisement
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू वर्ष में आने वाली चार नवरात्रियों में से पहली नवरात्रि होती है। इसकी शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है और इसके नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष का प्रारंभ होता है और नवसंवत्सर शुरू होता है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है। आइए जानें इस साल घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और नवरात्रि की पूजा में कौन सी चीजें अर्पित नहीं करनी चाहिए?

चैत्र नवरात्रि तिथि

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। पंचांग के अनुसार, 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से प्रतिपदा तिथि की शुरुआत हो जाएगी। इसका समापन अगले दिन 20 मार्च को 4:52 मिनट पर होगा। चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरु मानी जाएगी।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

इस चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे और 7:43 बजे के बीच रहेगा। इसमें कलश की स्थापना कर लें। इसके बाद, अभिजीत मुहूर्त में भी कलशस्थापना की जा सकती है, जो दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे के बीच होगा।

चैत्र नवरात्रि की पूजा में बिलकुल न करें ये गलतियां


मदार का फूल न चढ़ाएं : मां दुर्गा को कभी मदार के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। चैत्र नवरात्रि में इसका ध्यान विशेष रूप से रखें। साथ ही मां दुर्गा को कभी भी सूंघे हुए फूल अर्पित नहीं करने चाहिए।

माता को चढ़ाएं सिर्फ ताजे फल : मां दुर्गा की पूजा में सिर्फ ताजे फल ही चढ़ाने चाहिए। उन्हें भूलकर कोई भी बासी और खराब फल ना रखें। तेजा फल मिलने में दिक्कत है, तो उसके स्थान पर कुछ और चढ़ा देना चाहिए।

तुलसी का पत्ता : चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा में कभी भी तुलसी का पत्ता नहीं अर्पित करना चाहिए। माना जाता है कि मां दुर्गा के चंडिका रूप को तुलसी पसंद नहीं है। इसलिए नवरात्रि में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

चमड़े की चीजें : मां दुर्गा की पूजा में विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि चमड़े से बनी हुई कोई भी चीज ना रखी हो।

टूटी हुई चीजें : मां दुर्गा की पूजा में इस्तेमाल होने वाली कोई भी चीज टूटी, चटकी या खंडित नहीं होनी चाहिए। चैत्र नवरात्रि की पूजा में कलश और मिट्टी के दीए देख कर ही खरीदा जाए ताकि ये कहीं से भी खंडित ना हो।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Chaitra Navratri 2026: अमावस्या पर कलश स्थापना का दुर्लभ संयोग, जानें चैत्र अमावस्या पर स्नान-दान और प्रतिपदा घटस्थापना मुहूर्त

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।